Cause and effect
Cause and effect · course of action
12 मिनट में पढ़ें · अपडेट किया गया 2026-06-01
कारण-प्रभाव प्रश्न क्या है?
कारण-प्रभाव प्रश्न वह है जो पूछता है कि दिए गए दो कथनों का संबंध क्या है — कौन कारण है, कौन प्रभाव, क्या वे स्वतंत्र हैं, या दोनों किसी तीसरे कारक से निकले हैं। इसे समय-क्रम, क्रियाविधि, दिशा की उलटन और छिपे तीसरे चर की जाँच से सुलझाया जाता है। कार्यवाही (course of action) प्रश्न इसके बजाय पूछता है कि सुझाया गया क़दम आनुपातिक, प्रभावी, क्रियान्वयन-योग्य और वैध है या नहीं।
कहानी
इस आकार का एक प्रश्न — यहाँ उदाहरण के तौर पर लिखा गया, किसी नामित पेपर से उद्धृत नहीं — इस प्रकार है:
कथन (Statements): I. पिछले महीने, राज्य सरकार ने गेहूँ के न्यूनतम खरीद मूल्य को ₹150 प्रति क्विंटल बढ़ा दिया। II. इस वर्ष राज्य में गेहूँ का उत्पादन 12% बढ़ गया है।
इनमें से कौन-सा सबसे सही है? (a) I कारण है और II उसका प्रभाव है। (b) II कारण है और I उसका प्रभाव है। (c) दोनों स्वतंत्र कारण हैं। (d) दोनों किसी एक स्वतंत्र कारण के प्रभाव हैं।
एक अभ्यर्थी, जो अभी-अभी कृषि नीति पर एक करेंट-अफेयर्स की कक्षा से लौटा है, आत्मविश्वास के साथ (a) चिह्नित करता है। गलत। सही उत्तर (d) है — MSP की वृद्धि और अधिक उत्पादन दोनों ही एक अच्छे मानसून और अधिशेष भंडार (surplus inventories) के प्रभाव हो सकते हैं।
यह जाल अप्रतिरोध्य है: नीति → परिणाम सहज-बोध (intuitive) लगता है। लेकिन समय (timing) गलत है (पिछले महीने की MSP वृद्धि इस वर्ष की फसल को प्रेरित नहीं कर सकती, जो छह महीने पहले बोई गई थी) और कारणता की दिशा उलट सकती है (राज्य ने अपेक्षित बंपर उत्पादन के कारण MSP बढ़ाई हो सकती है, ताकि अधिशेष को राजनीतिक रूप से सोखा जा सके)।
Cause-effect और इसका सहोदर प्रश्न course-of-action मिलकर प्रति CSAT पेपर में 5-8 प्रश्न कवर करते हैं। ये सबसे महत्वपूर्ण सिविल-सेवा कौशल का परीक्षण करते हैं: सहसंबंध (correlation) को कारणता (causation) से, और सिफारिश को नीति-स्तरीय निर्देश (prescription) से अलग करना।
UPSC के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है
CSAT Paper II के लिए (अर्हता हेतु 33% = 66/200):
- प्रति पेपर 5-8 प्रश्न (वर्ष-दर-वर्ष भिन्न)।
- प्रत्येक = 2.5 अंक, −0.83 दंड। शुद्ध: एक गलत उत्तर 3.33 अंकों की कीमत वसूलता है (छोड़ने + सही करने की तुलना में)।
- परीक्षक की जाल-दर (trap-rate) ऊँची है — "स्पष्ट" उत्तर 60-70% मामलों में गलत होता है। अनुशासन का महत्व IQ से अधिक है।
- यह कौशल सीधे GS-II (नीति प्रश्न), GS-III (अर्थशास्त्र), GS-IV (नैतिकता केस स्टडी), और साक्षात्कार के नीति प्रश्नों में स्थानांतरित होता है।
जो अभ्यर्थी इस इकाई में महारत हासिल कर लेता है, वह CSAT में ~15 अंक अर्जित करता है और निबंध/साक्षात्कार स्कोरिंग में मापने योग्य बढ़त पाता है।