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Interior of Earth

Interior of Earth · earthquakes · volcanism

12 मिनट में पढ़ें · अपडेट किया गया 2026-05-30

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त्वरित उत्तर

पृथ्वी का आंतरिक भाग मुख्यतः भूकंपीय तरंगों से जाना जाता है और इसकी चार रासायनिक परतें हैं: 5 से 70 किलोमीटर मोटी भूपर्पटी, 2,890 किलोमीटर गहरा मैंटल, तरल लोहा-निकल का बाह्य क्रोड और ठोस आंतरिक क्रोड। S-तरंगें बाह्य क्रोड से नहीं गुजरतीं, इसलिए हम जानते हैं कि वह तरल है। मोहो भूपर्पटी और मैंटल को अलग करती है।

कहानी

तारीख़ है 26 दिसंबर 2004, 00:58:53 UTC। उत्तरी सुमात्रा (Sumatra) के तट से दूर Sunda Trench की गहराई में, subducting महासागरीय भूपर्पटी का 1,300-km लंबा खंड एक ही झटके में टूट जाता है। Indian Plate, Burma Microplate के नीचे 15 मीटर की सरकन (slip) के साथ धँस जाती है। महासागर-तल कुछ ही सेकंडों में 5 मीटर ऊपर उठ जाता है। विस्थापित जल गहरे महासागर में 800 km/h की गति से बाहर दौड़ता है और तट के पास उथला होकर 30 km/h तक मंद पड़ जाता है — पर अब वह **30 मीटर ऊँचा** खड़ा होता है।

अगले 8 घंटों में, 2004 की हिंद महासागर सुनामी 14 देशों में ~2,30,000 लोगों की जान ले लेती है। Banda Aceh ज़मींदोज़ हो जाता है। भारत के तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल तथा अंडमान व निकोबार तबाह हो जाते हैं। भूकंप स्वयं — moment magnitude 9.1-9.3 — अब तक का तीसरा सबसे शक्तिशाली रिकॉर्ड किया गया भूकंप है।

हम पृथ्वी के आंतरिक भाग को खुदाई से नहीं जानते (Kola Superdeep Borehole, 12.26 km, अब तक की सबसे गहरी पहुँच है — केंद्र तक के रास्ते का 0.2% से भी कम)। हम इसे भूकंपीय तरंगों (seismic waves) से जानते हैं, जो आंतरिक सीमाओं पर अपवर्तित (refract) व परावर्तित (reflect) होती हैं — वही तरंगें, जिनके सतह पर पहुँचने ने हिंद महासागर के उन तटों को निगल लिया। हर आपदा हमें अपने पैरों तले के ग्रह के विषय में कुछ सिखा जाती है।

UPSC के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है

पाठ्यक्रम-स्थान: GS-I — विश्व भौतिक भूगोल (Interior of Earth, earthquakes, volcanism)। Prelims में बारंबार आने वाला क्षेत्र (10 वर्षों में seismic waves, discontinuities व ज्वालामुखी-प्रकारों पर 5-6 प्रश्न)। आपदा-प्रबंधन (GS-III) पर Mains प्रश्न प्रायः यहाँ कवर की गई अंतर्निहित भूविज्ञान पर ही टिके होते हैं।