Agricultural subsidies
Agricultural subsidies · fertiliser, power, irrigation subsidies
12 मिनट में पढ़ें · अपडेट किया गया 2026-06-02
कृषि सब्सिडी क्या हैं?
कृषि सब्सिडी वे सरकारी अंतरण हैं जो आदान लागत घटाते हैं या खेती की आय को सहारा देते हैं। भारत में सबसे बड़ी हैं खाद्य सब्सिडी (2024-25 बजट अनुमान ₹2.05 लाख करोड़) और उर्वरक सब्सिडी (₹1.64 लाख करोड़), फिर राज्यों की बिजली सब्सिडी, PM-KISAN के ₹6,000 वार्षिक, तथा PMFBY प्रीमियम सहायता। WTO का Agreement on Agriculture इन्हें Amber, Blue और Green box में बाँटता है।
कहानी
Union Budget 2024-25. केंद्र सरकार के खातों में प्रमुख सब्सिडियाँ:
- खाद्य सब्सिडी (Food subsidy): Rs.2.05 लाख करोड़ (NFSA + PMGKAY)।
- उर्वरक सब्सिडी (Fertiliser subsidy): Rs.1.64 लाख करोड़।
- पेट्रोलियम सब्सिडी (LPG + केरोसीन): Rs.12,200 करोड़।
- फसल बीमा (PMFBY): Rs.15,864 करोड़।
- PM-KISAN आय सहायता: Rs.60,000 करोड़।
अब इसमें कृषि के लिए राज्य स्तरीय बिजली सब्सिडी — सभी राज्यों में मिलाकर लगभग Rs.1.5 लाख करोड़ (अकेले पंजाब + तमिलनाडु + AP + तेलंगाना + कर्नाटक का हिस्सा ~Rs.40,000 करोड़) — जोड़ दें, तो भारतीय कृषि समर्थन सहजता से Rs.4-5 लाख करोड़ प्रतिवर्ष को पार कर जाता है। यह संपूर्ण रक्षा बजट से भी अधिक है।
दिल्ली के बाहर, WTO की मंत्रिस्तरीय बैठक Abu Dhabi (फरवरी 2024) में एक बार फिर रुक गई — G33 + India की peace-clause माँग पर: खाद्य सुरक्षा उद्देश्यों के लिए सार्वजनिक भंडारण हेतु स्थायी समाधान। US, Canada और Australia का तर्क है कि भारत की खरीद 10% de-minimis उत्पाद-विशिष्ट सहायता सीमा (चावल में उत्पादन मूल्य का 90%+) से अधिक है। भारत Bali 2013 peace clause का सहारा लेकर खरीद को सुरक्षित करता है।
UPSC की दृष्टि से, "सब्सिडी" केवल एक राजकोषीय आँकड़ा नहीं है — यह कृषि नीति की fault line (दरार रेखा) है।
UPSC के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है
GS-III में हर चक्र में सब्सिडी सुधार की परीक्षा होती है: DBT, Nutrient-Based Subsidy, बिजली-टैरिफ सुधार, WTO boxes। Prelims: योजनाओं + WTO Amber/Green/Blue Box पर प्रतिवर्ष 2-3 अंक। Mains: प्रत्येक चक्र में 10-15 अंक का एक प्रश्न। विषय Indian Economy (सब्सिडी और राजकोषीय घाटा) + External Sector (WTO) से भी जुड़ते हैं।