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भारतीय भाषा (क्वालिफाइंग)प्रारंभिक: कममुख्य परीक्षा: उच्चसाक्षात्कार: कम

Comprehension of given passages

Comprehension of given passages

10 मिनट में पढ़ें · अपडेट किया गया 2026-06-02

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Comprehension of given passages क्या है?

UPSC के भारतीय भाषा qualifying प्रश्न-पत्र में comprehension passage आपकी चुनी हुई भाषा में 400 से 800 शब्दों का अंश होता है, जिस पर पाँच प्रश्न पूछे जाते हैं और जो कुल लगभग 60 से 75 अंक का होता है। उत्तर हमेशा passage के भीतर ही होता है — उद्धृत कीजिए, अपने शब्दों में कहिए और लेखक को श्रेय दीजिए; पूरे प्रश्न-पत्र में 25 प्रतिशत यानी 300 में से 75 अंक लाना अनिवार्य है।

कहानी

September 2024, Mains परीक्षा हॉल, Delhi। अभ्यर्थी Ramesh — GS में प्रति पेपर लगभग 110 अंक, वैकल्पिक विषय में अच्छी पकड़ — Hindi Qualifying Paper खोलता है। पहला खंड है सहकारी संघवाद (cooperative federalism) पर 500 शब्दों का गद्यांश, प्रवाहमय साहित्यिक हिंदी में। पाँच प्रश्न आते हैं: किसी वाक्यांश की व्याख्या कीजिए, एक अनुच्छेद को अपने शब्दों में प्रस्तुत कीजिए, एक पंक्ति का अर्थ लिखिए, लेखक का दृष्टिकोण अनुमानित कीजिए, शीर्षक सुझाइए।

Ramesh, जो मूलतः Andhra-Telugu भाषी हैं और जिन्होंने qualifying भाषा के रूप में Hindi चुनी है, घबरा जाता है। वह अस्त-व्यस्त लिखता है। संक्षेपण (precis) वाले खंड के लिए समय ही नहीं बचता। अंतिम अंक: 72 / 300 — 25% उत्तीर्ण अर्हता से मात्र 3 अंक कम। उसके शेष सभी पेपर अमान्य हो जाते हैं। GS की एक साल की तैयारी, वैकल्पिक विषय, समसामयिकी — सब एक comprehension गद्यांश की वजह से रद्द।

कठोर सत्य यह है: Indian Language Paper qualifying होता है, पर जानलेवा भी। 25% (75/300) पाओ — अंक गिनती में नहीं आते। 24% मिले — पूरा Mains रद्द। Comprehension सबसे बड़ा एकल खंड है — सामान्यतः 60-75 अंक — और सबसे आसान भी, क्योंकि उत्तर शब्दशः गद्यांश में ही होते हैं। इस इकाई के अंत तक आप जान जाएँगे कि इस खंड में 40 मिनट से कम में 75 में से 70+ अंक कैसे प्राप्त करें।

UPSC के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है

Comprehension, सभी 22 आठवीं अनुसूची (Eighth Schedule) की भाषाओं (Assamese, Bengali, Bodo, Dogri, Gujarati, Hindi, Kannada, Kashmiri, Konkani, Maithili, Malayalam, Manipuri, Marathi, Nepali, Odia, Punjabi, Sanskrit, Santhali, Sindhi, Tamil, Telugu, Urdu) में Indian Language Qualifying Paper के 300 में से 60-75 अंक वहन करती है। यह 1979 से हर Mains में आती रही है — UPSC ने कभी इसे छोड़ा नहीं। प्रश्न पुनरुत्पादक एवं अनुमानात्मक (reproductive + inferential) होते हैं, न कि राय-आधारित, इसलिए अनुशासित पाठक 80% शुद्धता प्राप्त कर सकता है। इस पेपर में अनुत्तीर्ण होना पूरे Mains को शून्य कर देता है — 25% से चूकने पर कोई भी अन्य पेपर मायने नहीं रखता।