Senior Citizens
Senior Citizens — MWPSC Act 2007, schemes
कहानी से शुरुआत
अगस्त 2003, महाराष्ट्र का एक छोटा-सा कस्बा। एक 78 वर्षीया विधवा महिला अपने बेटे का बेदखली नोटिस (eviction notice) लेकर स्थानीय पुलिस थाने पहुँचती है। पुश्तैनी मकान उसके नाम पर है। उसका बेटा — एक सरकारी क्लर्क — उसके खर्चे देना बंद कर चुका है और शादी के बाद से उसे रसोई में घुसने से भी रोक रखा है। Hindu Adoption and Maintenance Act 1956 के तहत इस विधवा के पास एकमात्र कानूनी रास्ता दीवानी मुकदमा (civil suit) है: वकील करो, तीन से सात साल प्रतीक्षा करो, और यह उम्मीद रखो कि बेटा तुम्हारे जीवनकाल में न्याय मिलने से पहले तुम्हें न छोड़ दे। पुलिस भी कुछ हिचकिचाहट के बाद उसे घर वापस भेज देती है।
ऐसी ही करोड़ों घरों की कहानियों ने संसद को विवश किया कि वह Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Act 2007 (MWPSC Act) को 29 दिसम्बर 2007 को पारित करे। इस नए कानून ने तीन ऐसे काम किए जो पुराना दीवानी कानून नहीं कर सकता था: Tribunals (अधिकरणों) के माध्यम से तीव्र-गति भरण-पोषण; मासिक भरण-पोषण की सीमा Rs 10,000 तय करना; और बच्चों व वारिसों पर बुजुर्ग माता-पिता के भरण-पोषण का कानूनी दायित्व सुनिश्चित करना — जिसके उल्लंघन पर आपराधिक दंड (3 माह तक कारावास, जो बाद में संशोधित हुआ) की व्यवस्था।
भारत में ~15 करोड़ वरिष्ठ नागरिक हैं (Census 2011 प्रक्षेपण; NSO 2024 अनुमानतः ~19 करोड़; 2050 तक 35 करोड़ अनुमानित — लगभग UN की "super-aged" समाज की सीमा-रेखा के बराबर)। MWPSC Act 2007, National Policy for Senior Citizens 2011, Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens (Amendment) Bill 2019, और National Programme for Health Care of the Elderly (NPHCE 2010) — ये सभी मिलकर भारत की वृद्ध कल्याण नीति की वैधानिक और कार्यक्रमात्मक रीढ़ बनाते हैं।
UPSC के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है
यह GS-II का अत्यंत महत्त्वपूर्ण खंड है, क्योंकि भारत का जनसांख्यिकीय लाभांश (demographic dividend) 2050 तक जनसांख्यिकीय बोझ (demographic debt) में बदल सकता है। Prelims में: MWPSC Act के प्रावधान, NPHCE, Tribunals और Indira Gandhi National Old Age Pension Scheme (IGNOAPS) पर प्रश्न पूछे गए हैं (2017, 2020, 2022)। Mains में: हर 2-3 वर्षों में प्रश्न आता है — "वृद्ध कल्याण ढाँचा पर्याप्त है?" (2018), "जनसांख्यिकीय संक्रमण का प्रभाव" (2023)। Interview में: वृद्ध-शोषण (elder abuse) पर प्रश्न सामान्य हैं।
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