Important welfare schemes
Important welfare schemes — PMAY, PM-KISAN, MGNREGA, PMUY, PM SVANidhi, PM-DAKSH
कहानी से शुरुआत
तारीख है 2 फरवरी 2006। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) अधिसूचित होता है — इस पैमाने पर दुनिया का पहला रोजगार-गारंटी कानून। किसी भी ग्रामीण परिवार को प्रति वर्ष 100 दिन का अकुशल शारीरिक श्रम, न्यूनतम मजदूरी पर, कार्य पूरा होने के 15 दिनों के भीतर आधार से जुड़े बैंक खाते में भुगतान — और यह सब मांग पर। Jean Drèze + Aruna Roy + MKSS आंदोलन ने इसे मंज़िल तक पहुँचाने में 15 वर्ष लगाए।
एक दशक बाद, 25 जून 2015 को प्रधानमंत्री मोदी प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) — शहरी का शुभारंभ करते हैं, जिसमें 2022 तक सबके लिए आवास का वादा है और ₹3 लाख करोड़ का परिव्यय है। उसके एक साल बाद, 5 अप्रैल 2016 को PM Awas Yojana — ग्रामीण मौजूदा इंदिरा आवास योजना की जगह लेती है और 2.95 करोड़ मकानों का लक्ष्य निर्धारित होता है।
फिर आती है त्रिमूर्ति जो एक के बाद एक लॉन्च होती है: PM-KISAN (1 दिसंबर 2018), PMUY 2.0 (10 अगस्त 2021), PM SVANidhi (1 जून 2020), PM-DAKSH (5 अगस्त 2021)। हर योजना एक विशिष्ट कमज़ोरी को संबोधित करती है — किसान आय, स्वच्छ खाना पकाने का ईंधन, रेहड़ी-पटरी वालों को ऋण, SC/OBC कौशल विकास। MGNREGA, PMAY, PM POSHAN, NFSA, Ayushman Bharat, Jan Dhan, MUDRA के साथ मिलकर ये भारत की 2015 के बाद की कल्याण-संरचना का निर्माण करती हैं।
आंकड़े विश्व-अग्रणी हैं: 2.95 करोड़ PMAY-G मकान निर्मित (मार्च 2024), 11 करोड़ PM-KISAN लाभार्थी, 15.6 करोड़ MGNREGA जॉब कार्ड जारी, 10.33 करोड़ PMUY कनेक्शन, 53 लाख PM SVANidhi ऋण। संयुक्त वार्षिक परिव्यय: ₹5+ लाख करोड़।
UPSC GS-II में "महत्वपूर्ण कल्याण योजनाएं" Mains GS-II उत्तरों में सर्वाधिक उद्धृत अनुभाग है — हर निबंध में किसी न किसी योजना का संदर्भ जरूरी है। PYQs: 2015 (PMJDY + वित्तीय समावेशन), 2017 (MGNREGA + ग्रामीण संकट), 2019 (PM-KISAN + किसान कल्याण), 2021 (PMAY + आवास), 2023 (PMUY + महिला कल्याण), 2024 (PM SVANidhi + रेहड़ी-पटरी विक्रेता)।
UPSC के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है
यहाँ शामिल 6 योजनाएं = भारत की 2014-2026 की कल्याण-संरचना का केंद्रीय आधार।
परिव्यय (BE 2024-25):
- MGNREGA ~₹86,000 करोड़
- PMAY-G ~₹54,500 करोड़ + PMAY-U ~₹30,000 करोड़
- PM-KISAN ~₹60,000 करोड़
- PMUY ~₹12,000 करोड़ (सब्सिडी)
- PM SVANidhi ~₹1,000 करोड़
- PM-DAKSH ~₹400 करोड़
कुल मिलाकर: ~₹2.5 लाख करोड़/वर्ष = केंद्रीय बजट का 6%।
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