Hunger & nutrition
Hunger & nutrition — PDS, NFSA 2013, ICDS
कहानी से शुरुआत
2 फरवरी 1943, बंगाल। चक्रवात, द्वितीय विश्वयुद्ध और ब्रिटिश साम्राज्य की "अस्वीकार नीति" (deny policy) मिलकर बंगाल अकाल को जन्म देते हैं, जो अगले 18 महीनों में 20-30 लाख लोगों की जान लेता है। अमर्त्य सेन ने बाद में अपनी पुस्तक Poverty and Famines (1981) में सिद्ध किया — खाद्यान्न की कोई कमी नहीं थी, केवल अधिकार (entitlement) की विफलता थी।
स्वतंत्र भारत ने इस सबक को दो चरणों में आत्मसात किया। पहली लहर (1947-1990 के दशक): एक राज्य-संचालित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (Public Distribution System — PDS) जो मात्रा की दृष्टि से विश्व की सबसे बड़ी खाद्य-सब्सिडी योजना बन गई। दूसरी लहर (2009-2013): राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (National Food Security Act — NFSA) 2013 — जो दूसरी UPA सरकार द्वारा 10 सितम्बर 2013 को पारित हुआ — जिसने खाद्य-सब्सिडी को एक विवेकाधीन योजना से कानूनी अधिकार में बदल दिया, और यह अधिकार भारत की ~67% जनसंख्या (75% ग्रामीण + 50% शहरी) को दिया गया।
इसमें जोड़ें एकीकृत बाल विकास सेवाएँ (Integrated Child Development Services — ICDS, 1975) + मध्याह्न भोजन (Mid-Day Meal — 1995, अब PM POSHAN 2021) + PMMVY 2017 + पोषण अभियान 2018 + पोषण 2.0 (2021), तो भारत के पास लोकतांत्रिक विश्व की सबसे बड़ी खाद्य एवं पोषण अधिकार प्रणाली है।
फिर भी NFHS-5 (2019-21) दर्शाता है: 5 वर्ष से कम के 35.5% बच्चे बौने (stunted), 19.3% अत्यधिक कमज़ोर (wasted), 67.1% रक्त-अल्पता (anaemia) से ग्रस्त; 15-49 वर्ष की 57% महिलाएँ रक्त-अल्पतग्रस्त। Global Hunger Index 2024 में भारत 105/127 पर है, GHI स्कोर 27.3 ("serious" — गंभीर)। Right to Food Campaign (PUCL v. UoI, 2001-2013) — जिसने NFSA को प्रेरित किया — अभी भी पूर्ण नहीं हुई।
UPSC GS-II में "भूख + पोषण" सर्वाधिक पूछा जाने वाला कल्याण विषय है, जिसका GS-III (खाद्य सुरक्षा, कृषि) और GS-I (समाज) से भी संबंध है। PYQs: 2014, 2017, 2019, 2021, 2024 — एक दशक में पाँच प्रत्यक्ष प्रश्न।
UPSC के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है
NFSA लगभग 80 करोड़ लोगों को आच्छादित करता है; FCI प्रति वर्ष 4-6 करोड़ टन खाद्यान्न का वितरण करता है; ICDS 8 करोड़ से अधिक लाभार्थियों तक पहुँचता है; PM POSHAN 11.8 करोड़ बच्चों को भोजन देता है। खाद्य एवं पोषण सब्सिडी = वार्षिक राजकोषीय प्रतिबद्धता ~₹2 लाख करोड़ (केन्द्रीय बजट)।
Mains PYQs का चक्र: 2014 (खाद्य सुरक्षा की चुनौतियाँ), 2017 (PDS सुधार), 2019 (One Nation One Ration Card), 2021 (NFSA + COVID PMGKAY), 2024 (Global Hunger Index + बाल कुपोषण)।
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