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सामाजिक न्यायप्रारंभिक: उच्चमुख्य परीक्षा: उच्चसाक्षात्कार: उच्च12 मिनट में पढ़ेंअपडेट किया गया 2026-06-02

Economically Weaker Sections

Economically Weaker Sections — 103rd Amendment

आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग क्या हैं?

आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग वे परिवार हैं जिनकी सकल वार्षिक आय ₹8 लाख से कम है और जो अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग में नहीं आते। 2019 के 103वें संविधान संशोधन ने अनुच्छेद 15(6) और 16(6) जोड़कर उनके लिए शैक्षणिक सीटों और सरकारी पदों में मौजूदा आरक्षण से अलग 10 प्रतिशत आरक्षण दिया; सर्वोच्च न्यायालय ने 7 नवंबर 2022 को जनहित अभियान मामले में इसे 3-2 से वैध ठहराया।

कहानी से शुरुआत

9 जनवरी 2019 को 48 घंटों की बहस के बाद संसद ने संविधान (एक सौ तीसरा संशोधन) अधिनियम 2019 — यानी EWS संशोधन — पारित किया। 8 जनवरी को लोक सभा ने इसे 323-3 से तथा 9 जनवरी को राज्य सभा ने 165-7 से पारित किया। राष्ट्रपति ने 12 जनवरी को अपनी स्वीकृति दी। गणतंत्र दिवस आने तक भारत में पहली ऐसी आरक्षण श्रेणी अस्तित्व में आ चुकी थी जो केवल आर्थिक आधार पर थी — सामान्य वर्ग (अगड़ी जातियों) के आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों (EWS) के लिए सार्वजनिक रोजगार और शिक्षा में 10% आरक्षण

Indra Sawhney 1992 के बाद के 27 वर्षों से उस संविधान पीठ की 50% सीमा अटल सत्य मानी जाती थी। 103वें संशोधन ने इसे तोड़ा: EWS का 10% SC 15% + ST 7.5% + OBC 27% के ऊपर और अतिरिक्त था, जिससे पात्र श्रेणियों में कुल आरक्षण 59.5% हो गया। संशोधन के पारित होते ही उसे चुनौती दी गई — NGO Janhit Abhiyan, शिक्षाविद् Mohan Gopal और DMK ने।

7 नवंबर 2022 को Janhit Abhiyan v. Union of India में 5-न्यायाधीशों की पीठ ने 103वें संशोधन को 3-2 से बरकरार रखा। न्यायमूर्ति Maheshwari, Bela Trivedi और J.B. Pardiwala ने इसे वैध ठहराया; तत्कालीन CJI U.U. Lalit और न्यायमूर्ति Ravindra Bhat ने असहमति व्यक्त की। बहुमत ने माना कि अकेला आर्थिक मानदंड अनुच्छेद 14 + 15(6) + 16(6) के तहत एक वैध वर्गीकरण है

UPSC की दृष्टि से EWS आरक्षण एक संवैधानिक विभाजन-बिंदु है — जो मूल संरचना सिद्धांत, 50% सीमा, SEBC बनाम आर्थिक मानदंड की बहस और उसकी नींव रखने वाले Sinho Commission 2010 की परीक्षा लेता है।

UPSC के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है

Prelims: अनुच्छेद 15(6), 16(6), 46, 38, 39; 103वां संशोधन; Sinho Commission 2010; Janhit Abhiyan 2022; EWS मानदंड।

Mains GS-II: 2019 में पूछा गया — "103वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम का महत्त्व।" 2022 में: "क्या आर्थिक पिछड़ापन अकेले आरक्षण के लिए पर्याप्त है?" 2024 में: "Janhit Abhiyan v. UoI के निर्णय के निहितार्थों पर चर्चा करें।"

Interview: 50% सीमा की बहस, मूल संरचना, EWS और OBC क्रीमी लेयर की अंतर्क्रिया, EWS के लिए साक्ष्य आधार।

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