Paper II
Paper II — Political aspects · boundaries, federalism
कहानी से शुरुआत
5 अगस्त 2019 को, प्रातः 11:08 बजे, केंद्रीय गृहमंत्री राज्यसभा में खड़े हुए और Article 370(1) के अंतर्गत एक राष्ट्रपति आदेश सदन के पटल पर रखा — एक ऐसा दस्तावेज़ जो उसी दिन शाम 6 बजे तक जम्मू और कश्मीर (1947 से चले आ रहे राज्य) को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बदल देगा और J&K को 72 वर्षों से प्राप्त विशेष दर्जे को समाप्त कर देगा। उसी सप्ताह, Survey of India के हैदराबाद कार्यालय में भारत का मानचित्र नए सिरे से बना: J&K (विधानसभा सहित UT — जिसमें कश्मीर घाटी, जम्मू, और विवादित परंतु अप्राप्य अक्साई चिन + पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर शामिल हैं), और लद्दाख (विधानसभाविहीन UT — जिसमें अक्साई चिन शामिल है)। इस प्रकार भारत 28 राज्यों और 8 केंद्रशासित प्रदेशों वाला देश बन गया — 1956 के States Reorganisation Act के बाद आंतरिक सीमाओं का यह सर्वाधिक नाटकीय पुनर्लेखन था।
पाँच वर्ष और सात माह बाद, 24 मार्च 2025 को, लेह में Sonam Wangchuk का 21 दिवसीय अनशन समाप्त हुआ — केंद्र सरकार ने लद्दाख को Sixth Schedule में शामिल करने पर विचार करने की सहमति दी। यही इंजीनियर-पर्यावरणविद् की केंद्रीय माँग थी, जो राज्यत्व के साथ-साथ आगे रखी गई थी। Wangchuk का तर्क था कि लद्दाख की 97% ST जनसंख्या, इसका पारिस्थितिक रूप से नाज़ुक उच्च-ऊंचाई का मरुस्थल, और China से 3,488 km लंबी सीमा (Galwan 2020, Tawang 2022) को बाहरी भूमि-अधिग्रहण से संवैधानिक संरक्षण की आवश्यकता है — वह संरक्षण जो Article 371-A (Nagaland), Article 371-G (Mizoram), Sixth Schedule (Assam, Meghalaya, Tripura, Mizoram) अन्य जनजातीय क्षेत्रों को प्रदान करता है।
ये दो घटनाएँ — 2019 का Article 370 उन्मूलन और 2025 की लद्दाख Sixth Schedule माँग — आधुनिक भारतीय इतिहास में सर्वाधिक सक्रिय सीमा-और-संघवाद काल को परिभाषित करती हैं। इनमें जोड़ें तेलंगाना राज्यत्व (जून 2014), मणिपुर Meitei-Kuki संघर्ष (मई 2023), एक दशक के अंतराल के बाद 2024 J&K विधानसभा चुनाव, Karnataka-Maharashtra Belgaum विवाद, 2024 Mizoram-Assam सीमा संघर्ष, Assam-Meghalaya सीमा निपटान (मार्च 2022), 2026 का परिसीमन संकट, और India-China LAC गतिरोध Galwan (जून 2020) तथा Yangtse (दिसंबर 2022) पर — और Paper II का "राजनीतिक पहलू" मॉड्यूल 2026 में सर्वाधिक सजीव पाठ्यक्रम खंड बन जाता है।
UPSC के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है
UPSC Optional Geography Paper II का राजनीतिक भूगोल खंड पाँचवाँ पाठ्यक्रम मॉड्यूल है — "भारतीय संघवाद का भौगोलिक आधार; राज्यों का पुनर्गठन; नए राज्यों का उदय; क्षेत्रीय चेतना और अंतर्राज्यीय मुद्दे; भारत की अंतर्राष्ट्रीय सीमाएँ और संबंधित मुद्दे; सीमा-पार आतंकवाद; विश्व मामलों में भारत की भूमिका।" यह खंड 2014, 2016, 2017, 2019, 2021, 2022, 2023 में — पिछले दस चक्रों में से सात बार प्रत्यक्ष रूप से परीक्षित हुआ है। 2023 का प्रश्न "हाल के घटनाक्रमों के संदर्भ में भारतीय संघवाद के भौगोलिक आधार की विवेचना करें" 20 अंकों का था। परीक्षक उन अभ्यर्थियों को पुरस्कृत करते हैं जो States Reorganisation Commission (1953) → भाषायी राज्य (1956) → नए राज्य (Telangana 2014, Jharkhand-Chhattisgarh-Uttaranchal 2000) → Ladakh-J&K पुनर्गठन (2019) की यात्रा कर सकें, Constitution Articles 1-4, 244, 370-371 से जोड़ सकें, और 2026-वर्तमान के संकट जोड़ सकें।
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