Paper I
Paper I — Economic geography · agriculture, industry, services
कहानी से शुरुआत
1826 में, Mecklenburg के एक भूस्वामी Johann Heinrich von Thünen ने Der isolierte Staat in Beziehung auf Landwirtschaft und Nationalökonomie — The Isolated State in Relation to Agriculture and Political Economy — का पहला खंड प्रकाशित किया। उन्होंने Tellow स्थित अपनी जागीर को चलाते हुए पंद्रह वर्षों तक लागत, उत्पादन और मूल्यों का सूक्ष्म लेखा-जोखा रखा। इस नीरस बहीखाते से उन्होंने वह निकाला जिसे अर्थशास्त्र में संभवतः पहला स्थानिक मॉडल (spatial model) कहा जाता है: एक नगर एक समतल, निर्विशेष मैदान के केंद्र में स्थित है; उसके चारों ओर भू-उपयोग के संकेंद्रित वलय (concentric rings) बनते हैं — सबसे निकट गहन बागवानी और दुग्ध-उत्पादन, फिर वन, फिर चक्रानुक्रम कृषि (rotation cropping), फिर त्रि-क्षेत्रीय खेती, और सबसे बाहरी किनारे पर पशुपालन। बाजार से दूरी बढ़ने के साथ भूमि-लगान (land rent) घटता था क्योंकि परिवहन-लागत उत्पादक के अधिशेष (producer surplus) को खा जाती थी। Von Thünen ने दूरी-ह्रास (distance decay) की खोज उस शब्द के अस्तित्व में आने से दशकों पहले ही कर ली थी।
1909 में, Heidelberg के एक औद्योगिक अर्थशास्त्री Alfred Weber ने यह विचार कारखानों पर लागू किया। जब किसी इस्पात संयंत्र को दो कच्चे माल अलग-अलग स्थानों से चाहिए और तैयार उत्पाद बाजार तक पहुँचाना हो, तो संयंत्र कहाँ लगाया जाए? Weber का अवस्थिति त्रिभुज (locational triangle) — जो संयंत्र को उस शीर्ष की ओर खींचता था जहाँ परिवहन-लागत न्यूनतम हो — औद्योगिक अवस्थिति का आधारभूत मॉडल बना। 1933 में, एक युवा जर्मन भूगोलवेत्ता Walter Christaller ने देखा कि दक्षिण जर्मनी के नगर एक सुव्यवस्थित षट्कोणीय (hexagonal) पदानुक्रमिक स्वरूप में बसे हैं — इस प्रकार Central Place Theory का जन्म हुआ। जब Edward Ullman ने 1956 में spatial interaction (पूरकता, अंतरण-योग्यता, हस्तक्षेपकारी अवसर) पर अपना पर्चा लिखा, तब आर्थिक भूगोल के पास एक सम्पूर्ण शास्त्रीय उपकरण-समूह आ चुका था।
अस्सी वर्ष बाद, container shipping ने वैश्विक माल-ढुलाई लागत कई गुना घटा दी, Walmart की just-in-time logistics ने उत्तरी अमेरिका को एक राष्ट्रीय hinterland में पुनर्गठित किया, और Apple का iPhone — Cupertino में डिज़ाइन, Congo में खनिज, Zhengzhou में संयोजन — 43 देशों को एक ही उत्पाद में पिरो गया। शास्त्रीय सिद्धांत आज भी लागू होते हैं, किंतु उनके चर (variables) Thünen की पहचान से परे बदल गए हैं। यह फ़ाइल वही है जो UPSC Mains Optional Geography Paper I में कृषि, उद्योग और सेवाओं के भूगोल के बारे में आपसे अपेक्षित है।
UPSC के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है
आर्थिक भूगोल Paper I के Mains Optional में अंक-भार की दृष्टि से सबसे बड़ा विषय है। 2014–2024 के बीच प्रत्येक प्रश्न-पत्र में कम-से-कम दो 15-अंक या 20-अंक के प्रश्न von Thünen, Weber, Christaller, Lösch अथवा उनकी आलोचनाओं पर आए हैं। हाल के Mains में services geography (कॉल सेंटर, fintech, डिजिटल अर्थव्यवस्था) और resource geography (ऊर्जा संक्रमण, critical minerals) भी सम्मिलित हो रहे हैं। जो अभ्यर्थी केवल भारतीय उदाहरणों से उत्तर देते हैं और सैद्धांतिक ढाँचा नहीं बनाते, वे कम अंक पाते हैं। परीक्षक चाहता है — पहले Tellow-Weber-Christaller-Lösch, फिर Bengaluru और Gurgaon।
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