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भारतीय समाजप्रारंभिक: मध्यममुख्य परीक्षा: उच्चसाक्षात्कार: उच्च12 मिनट में पढ़ेंअपडेट किया गया 2026-06-02

Tribal society

Tribal society · vulnerable tribal groups · PVTGs

कहानी से शुरुआत

नवंबर 2018 का महीना है। John Allen Chau, एक 26 वर्षीय अमेरिकी मिशनरी, Sentinelese जनजाति को ईसाई धर्म में परिवर्तित करने के उद्देश्य से अंडमान के North Sentinel Island पर उतरने का प्रयास करता है — वही जनजाति जो लगभग 60,000 वर्षों से स्वैच्छिक एकांत (voluntary isolation) में जीवन जी रही है। Sentinelese — जो भारत के 75 Particularly Vulnerable Tribal Groups (PVTGs) में से एक है — Chau को तीरों से मार देते हैं। उसका शव भी नहीं मिल सका, क्योंकि द्वीप Andaman and Nicobar Islands Protection of Aboriginal Tribes Regulation 1956 के तहत कानूनी रूप से संरक्षित है, जो अनसम्पर्कित जनजातियों से सम्पर्क को एक दंडनीय अपराध घोषित करता है।

Sentinelese की संख्या मात्र 50-100 व्यक्ति के आसपास है। उनकी भाषा को कोई बाहरी व्यक्ति नहीं समझ सकता, सामान्य बीमारियों से उनमें कोई प्रतिरक्षा (immunity) नहीं है (एक साधारण फ्लू उन सबको मिटा सकता है), और उन्होंने "सभ्य" बनाने के राज्य के हर प्रयास का प्रतिरोध किया है। उनका अस्तित्व — जो भारत के संविधान, कानून, Ministry of Tribal Affairs और अंडमान प्रशासन द्वारा सुरक्षित है — GS-I के भारतीय समाज के एक गहरे प्रश्न को सामने लाता है: एक आधुनिक राज्य को अनुमानित 700+ जनजातीय समुदायों — लगभग 8.6% जनसंख्या (Census 2011) — के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए, जो कृषि-नगरीय व्यवस्था से बाहर सहस्राब्दियों से जीवन यापन कर रहे हैं?

Article 366(25) इन्हें Scheduled Tribes कहता है। Article 244 + 5th Schedule + 6th Schedule इन्हें प्रादेशिक-प्रशासनिक स्वायत्तता देते हैं। PESA Act 1996 + Forest Rights Act 2006 + Particularly Vulnerable Tribal Groups (PVTGs) श्रेणी + Eklavya Model Residential Schools + Tribal Sub-Plan — ये सब मिलकर एक नीति-ढाँचा बनाते हैं। फिर भी जनजातीय समुदाय भारत के सबसे हाशिये पर रहने वाले समूहों में हैं — साक्षरता (59% बनाम राष्ट्रीय 74%), IMR (44 बनाम 30), गरीबी (45.9% MPI बनाम राष्ट्रीय 27.5%), और राजनीतिक प्रतिनिधित्व में।

UPSC के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है

जनजातीय समाज GS-I का एक स्वतंत्र अध्याय है और लगभग हर वर्ष किसी-न-किसी रूप में पूछा जाता है। Mains GS-I के स्पष्ट प्रश्न: 2013 (जनजातीय समुदाय + स्वायत्तता); 2015 (Maoism + जनजातीय मुद्दे); 2018 (जाति बनाम जनजाति)। जनजातीय भूमि + वन अधिकार GS-II (शासन, योजनाएँ) + GS-III (पर्यावरण, खनन) में भी परखे जाते हैं। जनजातीय आंदोलन (Birsa Munda 1899, Santhal Rebellion 1855) आधुनिक इतिहास में हैं।

Prelims में 5th/6th Schedule की बारीकियाँ, PESA, FRA, PVTG की संख्याएँ, विशिष्ट जनजातियों के स्थान, और जनजातीय कल्याण आयोग (Xaxa 2014) से प्रश्न आते हैं।

Interview Boards "विस्थापन बनाम विकास", "आत्मसातीकरण (assimilation) बनाम एकीकरण (integration)", और "Maoism + जनजातीय शिकायतें" जैसे विषयों पर गहराई से पूछताछ करते हैं।

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