Linguistic diversity
Linguistic diversity · regionalism · sons-of-soil
कहानी से शुरुआत
19 दिसम्बर 1952। Potti Sriramulu, एक गाँधीवादी स्वतन्त्रता सेनानी, Madras Presidency से एक अलग तेलुगु-भाषी राज्य की माँग को लेकर अपने भूख हड़ताल के 58वें दिन प्राण त्याग देते हैं। आन्ध्र में दंगे फूट पड़ते हैं। मात्र चार दिनों में PM Nehru — जो शुरू में अनिच्छुक थे — Andhra State के निर्माण की घोषणा करते हैं (1 अक्टूबर 1953 से प्रभावी)। इस निर्णय से समूचे भारत में इसी प्रकार की माँगें जन्म लेती हैं, जिससे दिसम्बर 1953 में Fazal Ali (सदस्य K.M. Panikkar + H.N. Kunzru) की अध्यक्षता में States Reorganisation Commission (SRC) की नियुक्ति होती है।
SRC Report (1955) राज्यों के पुनर्गठन को मुख्यतः भाषायी आधार पर करने की सिफारिश करती है। States Reorganisation Act 1956 भाषा-रेखाओं के आधार पर 14 राज्य + 6 केन्द्रशासित प्रदेश बनाता है — शान्तिकाल में किसी बड़े राष्ट्र का सबसे आमूल क्षेत्रीय पुनर्गठन। 1960 (Maharashtra-Gujarat विभाजन), 1966 (Punjab-Haryana विभाजन), 1972 (NE पुनर्गठन), 2000 (Jharkhand, Chhattisgarh, Uttarakhand) और 2014 (Telangana) तक — भारत भाषायी + प्रशासनिक इकाइयाँ बनाता रहा है। Census 2011 में 10,000+ बोलने वालों सहित 270+ "मातृभाषाएँ" + 22 अनुसूचित भाषाएँ + 1,369 युक्तिसंगत बोली-समूह दर्ज हैं।
UPSC के लिए यह कथा GS-I (समाज) + GS-II (संघवाद) + GS-IV (शासन-नैतिकता) में अनिवार्य है। भाषायी पहचान + क्षेत्रवाद + "भूमिपुत्र" राजनीति समकालीन राज्य-राजनीति को गहरे प्रभावित करती है — Maharashtra Navnirman Sena के उत्तर-भारतीय-विरोधी आन्दोलन (2008 से) से लेकर NEP 2020 + त्रिभाषा सूत्र के इर्द-गिर्द हाल की हिन्दी-थोपने की बहसों तक।
UPSC के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है
UPSC ने इस विषय-समूह को सीधे Mains GS-I 2020 ("क्षेत्रवाद + अलगाववाद"), 2018 ("साम्प्रदायिकता + क्षेत्रवाद"), 2017 (सांस्कृतिक स्वायत्तता + अल्पसंख्यक) और 2016 (समन्वित संस्कृति) में परखा है। Schedule VIII की भाषाएँ + classical languages + NEP 2020 का त्रिभाषा सूत्र इसे Prelims में भी उच्च-आवृत्ति विषय बनाते हैं।
Interview बोर्ड क्षेत्रवाद / भूमिपुत्रवाद को एक मूल्य-प्रश्न के रूप में जाँचता है — एक अधिकारी क्षेत्रीय भावना और संवैधानिक एकता तथा अनुच्छेद 19(1)(d) + (e) (मुक्त आवागमन + निवास) में कैसे सन्तुलन बनाता है?
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