Family
Family — joint, nuclear, transition
कहानी से शुरुआत
6 September 2018 का दिन है। सर्वोच्च न्यायालय की 5-न्यायाधीशों की संविधान पीठ Navtej Singh Johar v. Union of India में सर्वसम्मति से Section 377 IPC (1860) को उस हद तक निरस्त करती है जहाँ तक वह सहमति से समलैंगिक संबंधों को अपराध मानता था। मुख्य न्यायाधीश Dipak Misra लिखते हैं: "LGBT समुदाय को अन्य नागरिकों के समान अधिकार प्राप्त हैं। समलैंगिकता एक प्राकृतिक घटना है... मैं जो हूँ सो हूँ, इसलिए मुझे वैसे ही स्वीकारें जैसा मैं हूँ।"
पाँच वर्ष बाद, 17 October 2023 को, वही न्यायालय (5 न्यायाधीश) Supriyo @ Supriya Chakraborty v. Union of India में 3-2 के बहुमत से समलैंगिक विवाह को मान्यता देने से इनकार करता है। न्यायालय का मत है: विवाह का अधिकार मौलिक अधिकार नहीं है; समलैंगिक विवाह की मान्यता के लिए विधायी कार्रवाई आवश्यक है, न कि न्यायिक सृजन। CJI Chandrachud + Justice Kaul (असहमति में) तर्क देते हैं कि समलैंगिक जोड़ों को "civil union" + कानून के तहत मान्यता का अधिकार है।
इन दो निर्णयों के बीच GS-I के "Family and Marriage" की बड़ी कहानी है। 53% एकल (nuclear) परिवारों (NFHS-5, 2019-21) से लेकर विवाह में महिलाओं की औसत आयु 19.7 वर्ष तक; Hindu Code Bills 1955-56 से Muslim Women (Protection of Rights on Marriage) Act 2019 (तीन तलाक) + Special Marriage Act 1954 + लगातार बना रहने वाला सुव्यवस्थित विवाह का प्रचलन (~93% IHDS-II के अनुसार) + अंतर-जातीय विवाह का हिस्सा ~5-6% + live-in संबंधों को मान्यता (S. Khushboo 2010) — भारतीय परिवार + विवाह की संस्थाएँ एक साथ सबसे अधिक लचीली और सबसे तेज़ी से बदलने वाली हैं।
UPSC के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है
परिवार + विवाह Mains में लगभग निश्चित GS-I क्षेत्र है। हाल के स्पष्ट प्रश्न: 2019 ("संयुक्त परिवार की बदलती भूमिका + व्यक्ति पर प्रभाव"); 2014 ("पितृसत्ता महिलाओं की राजनीतिक प्रतिनिधित्व में भूमिका को कैसे प्रभावित करती है?"); 2016 ("परिवार-आधारित हिंसा के मुद्दे")। यह विषय लिंग (gender) (GS-I), व्यक्तिगत कानून + UCC (GS-II), और DPSP Article 44 (GS-II) से भी जुड़ता है।
Prelims में व्यक्तिगत कानून की विधियाँ (Hindu Marriage Act 1955, Special Marriage Act 1954, Triple Talaq Act 2019), संवैधानिक प्रावधान (Articles 21 + 44 + 51A), प्रमुख मामले (Shayara Bano 2017, Navtej Johar 2018, Supriyo 2023, Joseph Shine 2018), और NFHS संकेतकों से प्रश्न आते हैं।
Interview Boards live-in संबंध, UCC, समलैंगिक विवाह, ऑनर किलिंग — सभी परिवार-विवाह से जुड़े विषयों पर गहराई से पूछते हैं।
पूरे टॉपिक में क्या-क्या है
पढ़ना जारी रखने के लिए मुफ़्त खाता बनाएँ — गहन अध्ययन, परीक्षा-दृष्टिकोण, माइंड मैप और रिवीज़न कार्ड आपका इंतज़ार कर रहे हैं।
- यहाँ से शुरू करें (शून्य से)
- फ़्लो डायग्राम और माइंड मैप
- गहन अध्ययन
- वास्तविक दुनिया से जुड़ाव
- याद रखने की तरकीबें
- प्रारंभिक परीक्षा की दृष्टि से
- मुख्य परीक्षा की दृष्टि से
- साक्षात्कार की दृष्टि से
- सामान्य गलतियाँ और भ्रांतियाँ
- 5-मिनट रिवीज़न कार्ड
- संबंधित विषय
पढ़ना जारी रखें — मुफ़्त
पूरा टॉपिक पाएँ — गहन अध्ययन, प्रारंभिक/मुख्य/साक्षात्कार दृष्टिकोण, माइंड मैप, रिवीज़न कार्ड, AI ट्यूटर और दैनिक करेंट अफेयर्स — हिन्दी और अंग्रेज़ी में।
मुफ़्त खाता बनाएँ पहले से सदस्य हैं? साइन इन करें