Disability
Disability — Rights of Persons with Disabilities Act 2016
12 मिनट में पढ़ें · अपडेट किया गया 2026-06-02
त्वरित उत्तर
दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 (RPwD Act), अप्रैल 2017 से प्रभावी, भारत का दिव्यांगता कानून है: यह 21 दिव्यांगताओं को मान्यता देता है (1995 के अधिनियम में सात थीं), सरकारी नौकरियों में 4 प्रतिशत और उच्च शिक्षा में 5 प्रतिशत आरक्षण देता है, तथा सुगम्यता व समावेशी शिक्षा अनिवार्य करता है। जनगणना 2011 में 2.68 करोड़ दिव्यांगजन थे — जनसंख्या का 2.21 प्रतिशत।
कहानी
3 दिसम्बर 2024 — विश्व विकलांग दिवस था। सर्वोच्च न्यायालय की पीठ ने Rajive Raturi बनाम भारत संघ में अनिवार्य अभिगम्यता (accessibility) दिशा-निर्देश जारी किये, यह उद्धृत करते हुए कि RPwD Act के आठ वर्ष बाद भी भारत में 3% से कम सार्वजनिक इमारतें वास्तव में सुलभ (accessible) हैं। निर्णय ने न्यायमूर्ति DY Chandrachud को उद्धृत किया: "Accessibility दान नहीं है — यह नागरिकता की नींव है।"
पूरे भारत में 2.68 करोड़ व्यक्ति (जनगणना 2011) — और NSSO 2018 के अनुमान के अनुसार सम्भवतः 4-8 करोड़ — विकलांगता के साथ जीते हैं। फिर भी इनमें से केवल 36% साक्षर हैं (राष्ट्रीय 74% के मुकाबले)। कार्यशील आयु के PwDs में केवल 23% रोजगारशील हैं। भारत में विकलांगता अधिकारों की कहानी एक प्रतिमान-बदलाव की कहानी है: दान से अधिकारों की ओर, चिकित्सा मॉडल से सामाजिक मॉडल की ओर, अदृश्यता से समावेश की ओर।
यह अध्ययन-सामग्री उस यात्रा का अनुसरण करती है — कानून, योजनाएँ, संवैधानिक आधार और वे अन्तराल जो अभी भी PwDs को हाशिये पर रखते हैं।
UPSC के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है
UPSC के लिए:
- Prelims: RPwD Act 2016 (21 विकलांगताएँ), Accessible India Campaign, UNCRPD, सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय (Rajive Raturi, Vikash Kumar)।
- Mains GS-I + GS-II: संवेदनशील वर्ग, सामाजिक न्याय, अभिगम्यता, समावेशी शिक्षा, मानसिक स्वास्थ्य (Mental Healthcare Act 2017)।
- Interview: समावेशी नीति + अभिगम्यता लेखापरीक्षण पर व्यक्तिगत मत।