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भारतीय राजव्यवस्था एवं संविधानप्रारंभिक: उच्चमुख्य परीक्षा: उच्चसाक्षात्कार: मध्यम12 मिनट में पढ़ेंअपडेट किया गया 2026-06-01

One Nation One Election debate

One Nation One Election debate · simultaneous elections committee

One Nation One Election क्या है?

One Nation One Election वह प्रस्ताव है कि Lok Sabha और सभी राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराए जाएँ, जैसा भारत में 1951 से 1967 तक होता रहा, जब तक मध्यावधि विघटनों ने यह चक्र तोड़ नहीं दिया। Kovind Committee ने 14 March 2024 को यह सिफारिश की, जिसमें स्थानीय निकाय चुनाव 100 दिनों के भीतर हों; 17 December 2024 को पेश 129वाँ संविधान संशोधन विधेयक नया Article 82A जोड़ेगा।

कहानी से शुरुआत

14 मार्च 2024 को, राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में, भारत के एक पूर्व राष्ट्रपति ने वर्तमान राष्ट्रपति को दो खंडों वाली, 18,626 पृष्ठ की एक रिपोर्ट सौंपी। Ram Nath Kovind ने आठ महीने आठ सदस्यों वाली एक उच्च-स्तरीय समिति (High-Level Committee) की अध्यक्षता करते हुए बिताए थे, जिसमें 47 राजनीतिक दलों, 8 बार एसोसिएशनों, 4 पूर्व मुख्य न्यायाधीशों (Chief Justices), 39 ECI अधिकारियों, और 21,000 से अधिक नागरिकों की राय ली गई। रिपोर्ट की केंद्रीय सिफारिश: भारत को Lok Sabha और सभी State Legislative Assemblies के लिए एक साथ चुनाव (simultaneous elections) की व्यवस्था में लौटाना, जो एक ही चरण में आयोजित हों, और अगले आम चुनाव चक्र (2029) तक लागू हों। और इनके बाद, 100 दिनों के भीतर, देशभर में स्थानीय निकाय (Panchayat + Municipality) चुनाव भी आयोजित करना।

यह एक उल्लेखनीय क्षण था। भारत ने चार बार एक साथ चुनाव कराए थे — 1951-52, 1957, 1962, और 1967 में। यह व्यवस्था तब टूट गई जब चौथी Lok Sabha (1967) के बाद कई राज्यों में त्रिशंकु जनादेश (hung verdicts) आए जिनके कारण President's Rule, Article 356 के तहत विघटन, और मध्यावधि चुनाव (mid-term polls) हुए। 1971 तक, एक साथ चुनाव समाप्त हो चुके थे। इन्हें बहाल करने के लिए पाँच संवैधानिक संशोधनों, 50 राज्य विधानसभाओं + Parliament + हजारों स्थानीय निकायों के समन्वय (synchronising), और — सबसे विवादास्पद रूप से — कई राज्य विधानसभाओं के कार्यकाल को कृत्रिम रूप से 4 वर्ष तक छोटा या बढ़ाने की आवश्यकता होगी।

One Nation One Election (ONOE) एक लागत-बचत + शासन सुधार है या भारतीय संघवाद (federalism) के लिए एक केंद्रीकरण का खतरा — यह अब 2020 के दशक की देश की सबसे महत्वपूर्ण संवैधानिक बहस बन गई है।

UPSC के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है

ONOE GS-II में 2025-27 का सबसे संभावित Mains प्रश्न है। Kovind समिति रिपोर्ट (मार्च 2024) और Constitution (One Hundred and Twenty-Ninth Amendment) Bill 2024 + Union Territories Laws (Amendment) Bill 2024, जो 17 दिसंबर 2024 को Lok Sabha में पेश किए गए, ने इसे एक करेंट-अफेयर्स-संचालित विषय बना दिया है, जो तथ्यात्मक स्मरण (समिति के सदस्य, सिफारिशें, प्रभावित अनुच्छेद) और विश्लेषणात्मक गहराई (संघवाद, जवाबदेही के बीच की अदला-बदली) दोनों की माँग करता है।

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