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भारतीय राजव्यवस्था एवं संविधानप्रारंभिक: मध्यममुख्य परीक्षा: उच्चसाक्षात्कार: मध्यम12 मिनट में पढ़ेंअपडेट किया गया 2026-06-01

Lateral entry in civil services

Lateral entry in civil services · Mission Karmayogi

कहानी से शुरुआत

17 अगस्त 2024 को, Union Public Service Commission ने 24 मंत्रालयों — Finance, External Affairs, Civil Aviation, Mines, Petroleum, Steel इत्यादि — में 45 Joint Secretary और Director-स्तरीय पदों के लिए एक विशेष भर्ती अधिसूचना प्रकाशित की। ये उम्मीदवार IAS अधिकारी नहीं होते। उन्हें Civil Services Examination पास करने की आवश्यकता नहीं होती। उन्हें निजी क्षेत्र, राज्य PSUs, बहुपक्षीय संगठनों (multilateral organisations) से 15+ वर्ष के अनुभव वाले मध्य-कैरियर पेशेवर (mid-career professionals) होना था। डोमेन विशेषज्ञ। रणनीतिकार। CEOs। प्रस्तावित वेतन: ₹2.45 लाख + भत्ते प्रति माह — नियमित Joint Secretaries के बराबर।

96 घंटों के भीतर ही राजनीतिक तूफ़ान फूट पड़ा। Congress, RJD, Samajwadi Party, DMK, और TMC ने इस कदम की "पिछले दरवाज़े से प्रवेश (back-door entry)" कहकर निंदा की, जो Scheduled Castes, Scheduled Tribes, और Other Backward Classes को प्रतिनिधित्व से वंचित कर देगा — क्योंकि संविधान का आरक्षण ढाँचा (reservation framework — Articles 15(4), 15(5), 16(4)) भर्ती पर लागू होता है, परंतु lateral entry पदों में कोई आंतरिक आरक्षण नहीं था। अभूतपूर्व गठबंधन दबाव में (स्वयं अपने ही NDA के भीतर — Chirag Paswan मुखर थे), Prime Minister Modi ने 20 अगस्त 2024 को Union Minister Jitendra Singh के एक ही ट्वीट के माध्यम से भर्ती रद्द कर दी।

यह steel frame के एक संरचनात्मक सुधार — lateral entry, जिसकी पहली औपचारिक अनुशंसा Second Administrative Reforms Commission (2nd ARC) ने 2008 में की और जो Modi सरकार के 2018 के lateral entry पायलट में निहित है — और प्रतिनिधित्व के प्रति संवैधानिक प्रतिबद्धता के बीच अब तक का सबसे सार्वजनिक टकराव था। इसके पीछे एक बड़ी कहानी छिपी है: Mission Karmayogi (2020) — सिविल-सेवा प्रशिक्षण को रूपांतरित करने का भारत का अब तक का सबसे महत्वाकांक्षी प्रयास, जो पारंपरिक generalist-administrator मॉडल के साथ-साथ पेशेवरता (professionalism) को समाहित करता है।

UPSC के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है

Lateral entry + Mission Karmayogi 2020 से GS-II Mains के पसंदीदा विषय रहे हैं। GS-II 2018 में सीधे पूछा गया ("lateral entry पहल का परीक्षण करें"), GS-II 2022 में (सिविल सेवाओं के क्षमता-निर्माण का संदर्भ देते हुए), और 2nd ARC प्रश्नों की संरचनात्मक पृष्ठभूमि के रूप में। Prelims ने iGOT-Karmayogi प्लेटफ़ॉर्म की विशेषताओं, Capacity Building Commission के कार्यों, और lateral entry की पात्रता / कैडर नियमों का परीक्षण किया है। Interview बोर्ड आरक्षण के प्रश्न को सीधे टटोलते हैं — एक सूक्ष्म-संतुलित (nuanced) उत्तर के साथ तैयार रहें।

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