Financial inclusion
Financial inclusion · Jan Dhan · Mudra · PM Vishwakarma
त्वरित उत्तर
JAM त्रयी भारत का वह मंच है जिससे कल्याण-लाभ सीधे पहुँचाए जाते हैं: Jan Dhan बैंक खाते, Aadhaar पहचान और मोबाइल फ़ोन। 28 August 2014 को शुरू PMJDY शून्य-शेष खाते खोलता है जिनके साथ RuPay कार्ड मिलता है; Aadhaar वह 12-अंकीय संख्या है जो Aadhaar Act 2016 के तहत UIDAI जारी करता है; और NPCI द्वारा 11 April 2016 को शुरू UPI भुगतान ले जाता है। तीनों मिलकर Direct Benefit Transfer को लाभार्थी के अपने खाते तक पहुँचाते हैं।
कहानी से शुरुआत
तारीख है 28 August 2014, स्वतंत्रता दिवस के 13 दिन बाद। दिल्ली के विज्ञान भवन में, Prime Minister Narendra Modi उस कार्यक्रम का शुभारंभ करते हैं जिसे वे "दुनिया का सबसे बड़ा वित्तीय समावेशन कार्यक्रम (largest financial inclusion program in the world)" कहते हैं — Pradhan Mantri Jan-Dhan Yojana (PMJDY)। लक्ष्य बेहद महत्वाकांक्षी है: एक वर्ष में 7.5 करोड़ बैंक-रहित (unbanked) परिवारों के लिए शून्य-शेष (zero-balance) बैंक खाते खोलना।
पहले 24 घंटों में, 1.5 करोड़ बैंक खाते खुलते हैं। 14 दिनों के भीतर, 5 करोड़। 100 दिनों के भीतर, 10 करोड़। बाद में Guinness Book of World Records इसे किसी भी देश द्वारा अब तक हासिल किया गया सबसे तेज़ बड़े पैमाने का वित्तीय समावेशन मानता है।
May 2025 तक, 53 करोड़ Jan Dhan खाते खुल चुके हैं — यह United States, Brazil और Japan की कुल आबादी से भी अधिक है। औसत शेष: Rs.4,500। कुल जमा (aggregate deposits): ~Rs.2.4 लाख करोड़। 2014 से इस ढाँचे के ज़रिए 77 लाख करोड़ का DBT भुगतान भेजा गया है। सबसे महत्वपूर्ण बात, JDY ढाँचे ने — Aadhaar (2024 तक 1.36 अरब नामांकन) और मोबाइल पहुँच (mobile penetration) (~1.2 अरब कनेक्शन) के साथ मिलकर — JAM Trinity का निर्माण किया: Jan Dhan + Aadhaar + Mobile।
JAM Trinity ने भारत की Direct Benefit Transfer (DBT) क्रांति को सक्षम बनाया है: ~$400 अरब सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजे गए, जिससे पहले की PDS-शैली की नकद वितरण प्रणाली में होने वाली लीकेज (रिसाव) से बचा गया। इसने UPI (Unified Payments Interface) को भी सक्षम बनाया — वह डिजिटल भुगतान प्लेटफ़ॉर्म जो 2024 में 16 अरब और July 2026 में 23.7 अरब लेन-देन प्रति माह तक पहुँच चुका है और संभालता है (शेष पूरी दुनिया के संयुक्त लेन-देन से भी अधिक)।
UPSC के लिए, वित्तीय समावेशन + JAM + DPI, Mains GS-III में सबसे अधिक पूछे जाने वाले विषयों में से एक है। यह फ़ाइल PMJDY, Aadhaar, UPI, JAM trinity और व्यापक DPI (Digital Public Infrastructure) ढाँचे को क्रमबद्ध रूप से समझाती है।
UPSC के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है
वित्तीय समावेशन + DPI इन सबके प्रतिच्छेदन (intersection) पर स्थित है:
- कल्याण वितरण (Welfare delivery) — DBT, सब्सिडी, अंतरण
- बैंकिंग विस्तार — बैंक-रहित लोगों को औपचारिक वित्तीय प्रणाली में लाना
- डिजिटल क्रांति — UPI, ONDC, AA, DigiLocker
- पहचान ढाँचा (Identity infrastructure) — Aadhaar
- आर्थिक डेटा — औपचारिकीकरण (formalisation), GST डेटा, क्रेडिट इतिहास
- राजकोषीय दक्षता (Fiscal efficiency) — सब्सिडी वितरण में कम लीकेज
UPSC के लिए:
- Prelims: PMJDY शुभारंभ + आँकड़े + विशेषताएँ; Aadhaar Act 2016; UPI संरचना (NPCI); DigiLocker; CBDC पायलट।
- Mains GS-III: कल्याण वितरण पर JAM trinity के प्रभाव, DPI निर्यात (Sri Lanka, Brazil, Singapore द्वारा तत्वों को अपनाना), वित्तीय समावेशन की माप।
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