Energy sector
Energy sector · electricity, oil & gas reforms
कहानी से शुरुआत
30 जुलाई 2012 की रात, भारत का उत्तरी ग्रिड ट्रिप कर गया। दो घंटे के भीतर, पूर्वी और पूर्वोत्तर ग्रिड भी ध्वस्त हो गए। 62 करोड़ लोग — उस समय की लगभग नौ प्रतिशत मानवता — बिजली के बिना थे। ट्रेनें स्टेशनों के बीच रुक गईं। हैदराबाद का हवाई अड्डा डीज़ल पर चला; दिल्ली मेट्रो ने टॉर्च के सहारे सुरंगों को खाली कराया। यह मानव इतिहास का सबसे बड़ा ब्लैकआउट था, और आज भी है।
तात्कालिक कारण सरल था: मध्य प्रदेश के बीना (Bina) में एक सबस्टेशन ओवरलोड के कारण ट्रिप कर गया क्योंकि तीन राज्य (UP, Haryana, Punjab) अपने निर्धारित शेड्यूल से कहीं अधिक बिजली खींच रहे थे, जिससे ग्रिड फ्रीक्वेंसी टूट गई। पर गहरा कारण संरचनात्मक था — दो दशकों से भारत का उत्पादन, पारेषण और वितरण (Gen-T-D) एक ऐसे मॉडल पर चल रहा था जहाँ बिजली खरीदने वाली उपयोगिताएँ (राज्य DISCOMs) 1990 के दशक से दिवालिया होने के कगार पर थीं, कुछ कॉरिडोर में पारेषण ज़रूरत से ज़्यादा बना था और कुछ में अपर्याप्त, और ग्रिड अनुशासन समझौतों का विषय था।
एक दशक बाद, 2024 की तस्वीर अलग है। भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बिजली उत्पादक है। प्रति-व्यक्ति खपत ~1,330 kWh है (अब भी वैश्विक औसत का एक-तिहाई, पर 2012 से दोगुनी)। नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 200 GW को पार कर चुकी है — दुनिया में चौथे स्थान पर। Power System Operation Corporation (POSOCO) ने ग्रिड को फ्रीक्वेंसी-अनुशासित बनाया है। पर तीन चीज़ों ने सुधार का हठपूर्वक विरोध किया है: DISCOM की वित्तीय स्थिति, पेट्रोलियम आयात निर्भरता, और स्ट्रैंडेड गैस संयंत्र। यह भारत के ऊर्जा क्षेत्र की कहानी है — क्या सुधरा, क्या नहीं, और क्यों अगला दशक पिछले से अधिक मायने रखता है।
UPSC के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है
ऊर्जा क्षेत्र एक साथ GDP वृद्धि, जलवायु प्रतिबद्धताओं, राजकोषीय सब्सिडी और भुगतान संतुलन को छूता है। भारत अपने ~87% कच्चे तेल और ~50% प्राकृतिक गैस का आयात करता है — जिससे तेल की कीमतें समष्टि स्थिरता के लिए सबसे बड़ा बाहरी (exogenous) खतरा बन जाती हैं। बिजली सुधार (Electricity Act 2003, UDAY, RDSS, स्मार्ट मीटरिंग) Prelims में नियमित रूप से आते हैं, जबकि Mains ऊर्जा त्रिलेम्मा (energy trilemma) के ढाँचे को पुरस्कृत करता है — सस्तापन (affordability), स्थिरता (sustainability), सुरक्षा (security)। इंटरव्यू बोर्ड तीन सवाल पसंद करते हैं: DISCOMs दिवालिया क्यों हैं? भारत ऊर्जा स्वतंत्रता कब हासिल करेगा? क्या भारत को नाभिकीय ऊर्जा को तेज़ करना चाहिए?
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