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व्यक्तित्व परीक्षण (साक्षात्कार)प्रारंभिक: कममुख्य परीक्षा: कमसाक्षात्कार: उच्च12 मिनट में पढ़ेंअपडेट किया गया 2026-06-01

Social issues

Social issues — caste census, women's reservation, communalism

कहानी से शुरुआत

तारीख है 2 अक्टूबर 2023, गांधी जयंती, और जगह है पटना। Bihar सरकार ने अभी-अभी अपनी राज्य-स्तरीय जाति गणना (caste enumeration) के मुख्य आँकड़े जारी किए हैं — 1931 की British जनगणना के बाद की पहली बड़ी उप-राष्ट्रीय (sub-national) जाति गणना। मुख्य आँकड़े: EBCs 36%, OBCs 27.13%, Scheduled Castes 19.65%, Scheduled Tribes 1.68%, Unreserved 15.52%। वह आँकड़ा जो सबकी नज़र खींच लेता है: Bihar की आबादी का महज़ 15.52 प्रतिशत ही "unreserved" है। 24 घंटे के भीतर राजनीतिक बहस राष्ट्रीय हो जाती है। Congress घोषणा करती है "Jitni aabaadi, utna haq" — "आबादी के अनुपात में अधिकार"। BJP, शुरू में रक्षात्मक रहने के बाद, "सर्वसमावेशी विकास (all-encompassing development)" की बात पर मुड़ जाती है।

अठारह महीने बाद, 2026 की शुरुआत में, एक interview board Karnataka से आए एक उम्मीदवार को देख रहा है — एक ऐसा राज्य जिसने 2015 में अपना खुद का जाति सर्वेक्षण (Kantharaja Commission) कराया, रिपोर्ट को बंद रखा, और अब उसे जारी करने पर बहस कर रहा है — और पूछता है:

"आपने देखा कि Bihar ने अपनी जाति गणना जारी की, Centre ने मई 2025 में स्वीकार किया कि राष्ट्रीय Census 2026 में एक जाति कॉलम शामिल होगा, और Supreme Court ने Khaitan-and-Ahmed v Bihar में Bihar सर्वेक्षण को बरकरार रखा। तो अब जाति-संबंधी डेटा नीति का एक औज़ार बन चुका है। हमें बताइए — क्या जाति की गिनती करना जाति को घटाता है या उसे जड़ें ज़माने (entrench) में मदद करता है? और आपके पास इसका क्या प्रमाण है?"

अब इसे दो और जीवंत बहसों तक बढ़ाइए — 106वाँ संविधान संशोधन (Women's Reservation Act 2023) जो अगले परिसीमन (delimitation) के बाद ही लागू होगा, और Nuh (अगस्त 2023) से Sambhal (नवंबर 2024) तक साम्प्रदायिक टकराव बिंदुओं (communal flashpoints) की उठती लहर। तीनों एक ही उत्तर-स्थान में बैठते हैं: Constitution + data + values। यह unit आपका ढाँचा (scaffold) है।

UPSC के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है

2025-26 चक्र के लिए सामाजिक-मुद्दों के प्रश्न ~95 प्रतिशत Personality Test boards में आते हैं — यह सबसे अधिक छेड़ा जाने वाला विषयगत समूह है क्योंकि यह केवल तथ्यों की नहीं, बल्कि मूल्यों (values) की परीक्षा लेता है। इस उछाल के तीन कारण: (a) caste census राजनीतिक नारे से बढ़कर नीतिगत हकीकत बन गई है (Centre की घोषणा मई 2025), (b) women's reservation 2026 जनगणना के बाद परिसीमन तक विधायी अधर (legislative limbo) में टिकी है, और (c) साम्प्रदायिक टकराव बिंदु — Nuh (Haryana, अगस्त 2023), Manipur, Sambhal (UP, नवंबर 2024), Karnataka hijab — एक अटूट चक्र में चलते रहे हैं। Board विवादित ज़मीन पर संतुलन (poise) की परीक्षा लेता है; संवैधानिक प्रवाहिता (constitutional fluency) जीत दिलाती है।

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