Climate diplomacy
Climate diplomacy — UNFCCC · CBDR · CDR-LIFE · loss & damage
कहानी से शुरुआत
समय है 1 नवंबर 2021, Glasgow। COP26। Paris Agreement अब छह साल पुराना हो चुका है; दुनिया 1.5°C लक्ष्य को पाने के रास्ते से 2.7°C भटकी हुई है। PM Narendra Modi मंच संभालते हैं — धीरे और सोच-समझकर। उनके भाषण से बहती है "Panchamrit" — पाँच अमृत:
- India 2030 तक 500 GW non-fossil capacity तक पहुँचेगा।
- India 2030 तक अपनी 50% ऊर्जा ज़रूरतें renewables से पूरी करेगा।
- India 2030 तक अपने अनुमानित carbon emissions में 1 billion tonnes की कटौती करेगा।
- India 2030 तक carbon intensity में 45% (2005 के मुकाबले) कमी करेगा।
- India 2070 तक net zero हासिल करेगा।
लेकिन Modi का निर्णायक योगदान है LIFE — Lifestyle for Environment — एक व्यवहार-परिवर्तन (behavioural-shift) ढाँचा: माँग-पक्ष (demand-side) में कटौती। "सोच-समझकर और जानबूझकर उपयोग, बेमतलब और विनाशकारी उपभोग के बजाय" (Mindful + deliberate utilisation, instead of mindless + destructive consumption)। सितंबर 2022 में Kevadia, Gujarat में Mission LIFE launch पर UN Secretary-General António Guterres Modi के साथ खड़े होते हैं: "India की LIFE पहल जलवायु कार्रवाई का उत्तर है।"
अब चलते हैं COP27, Sharm el-Sheikh, नवंबर 2022 की ओर। विकासशील देशों की 27 साल की माँग के बाद, Loss and Damage Fund की स्थापना होती है। India + Group of 77 + AOSIS — यह CBDR-RC (Common But Differentiated Responsibilities and Respective Capabilities) सिद्धांत की जीत है।
COP28, Dubai, नवंबर-दिसंबर 2023। भारतीय मंत्री Bhupender Yadav अहम जीतें हासिल करते हैं: Global Stocktake outcome में CBDR को फिर से स्थापित (re-anchored) किया गया; 2030 तक renewables को तीन गुना (tripling) करने की वैश्विक प्रतिबद्धता; energy efficiency को दोगुना (doubling) करना। तब तक ISA (International Solar Alliance) के 121 सदस्य राष्ट्र हो चुके थे।
COP29, Baku, नवंबर 2024: विकसित देश climate finance के लिए 2035 तक $300 billion/year का वादा करते हैं — जो विकासशील देशों की $1.3 trillion की माँग से बहुत कम है। India + G77 थोड़ी देर के लिए बाहर निकलते हैं, फिर लौटते हैं; अंतिम NCQG (New Collective Quantified Goal) अनिच्छा से स्वीकार किया जाता है पर G77 की असहमति (dissent) के साथ।
यह है India की climate diplomacy 2.0 — Modi का CDR-LIFE CBDR-RC + Global South नेतृत्व के साथ मिला हुआ, जबकि घरेलू स्तर पर India National Solar Mission, PLI scheme, hydrogen mission के तहत दुनिया का सबसे बड़ा renewable विस्तार आगे बढ़ा रहा है।
UPSC के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है
Prelims: UNFCCC (1992, Rio), CBDR-RC (Rio Principle 7), Kyoto Protocol 1997 (2005 में लागू), Paris Agreement 2015 (4 Nov 2016 को लागू), India का NDC मूल 2015 + अद्यतन (updated) अगस्त 2022; Panchamrit COP26; Mission LIFE सितंबर 2022; ISA 2015; CDRI 2019; Loss & Damage Fund COP27; NCQG COP29 Baku $300 bn।
Mains GS-II/III: CBDR बनाम net-zero सार्वभौमिकता (universalism); India का दोहरा-मार्ग (विकास + decarbonisation); Just Transition; climate finance + technology transfer; carbon markets (Article 6); व्यवहारगत हस्तक्षेप के रूप में LIFE; green hydrogen; PLI; Just Transition।
Interview: क्या 2070 तक net zero बहुत देर से है? क्या India 7% की वृद्धि के साथ गतिशीलता (mobility) + विनिर्माण (manufacturing) का विद्युतीकरण कर सकता है? India की प्रति-व्यक्ति ~2 tCO2e बनाम US की ~14 tCO2e उत्सर्जन वार्ता की स्थिति को कैसे आकार देती है?
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