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भारतीय राजव्यवस्था एवं संविधानप्रारंभिक: उच्चमुख्य परीक्षा: उच्चसाक्षात्कार: उच्च13 मिनट में पढ़ेंअपडेट किया गया 2026-06-01

Parliament

Parliament · Lok Sabha · Rajya Sabha · sessions · functions

कहानी से शुरुआत

30 जून 2017 की शाम के 5:55 बज रहे हैं। संसद के दोनों सदन — Lok Sabha और Rajya Sabha — Central Hall के झूमरों के नीचे एक दुर्लभ संयुक्त मध्यरात्रि सत्र (joint midnight session) में बैठे हैं। India के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, Lok Sabha के अध्यक्ष, Rajya Sabha के सभापति और दोनों सदनों के सभी लगभग 650 सांसद 1972 के बाद पहली बार एक ही कक्ष में एकत्र हुए हैं। मध्यरात्रि के ठीक समय, प्रधानमंत्री एक घंटा (gong) बजाते हैं। India की कर प्रणाली रातोंरात बदल जाती है: 17 अलग-अलग अप्रत्यक्ष कर सिमटकर एक ही Goods and Services Tax में मिल जाते हैं।

वह क्षण इसलिए संभव हुआ क्योंकि India के संविधान में एक चुपचाप असाधारण युक्ति समाहित है। Articles 79-122 एक द्विसदनीय (bicameral) संघीय Parliament की स्थापना करते हैं, जिसमें दो अलग-अलग सदन हैं, प्रत्येक का चुनाव भिन्न रीति से होता है, प्रत्येक का कार्यकाल भिन्न है, प्रत्येक की शक्तियाँ भिन्न हैं — और फिर भी, जब संवैधानिक संशोधन या संयुक्त विधान की आवश्यकता हो, ये एक ही विचार-विमर्श करने वाले निकाय के रूप में कार्य कर सकते हैं। Lok Sabha जनता का प्रतिनिधित्व करती है, Rajya Sabha राज्यों का प्रतिनिधित्व करती है, और मिलकर — राष्ट्रपति के औपचारिक तीसरे तत्व के साथ — ये देश का हर संघीय कानून बनाते हैं।

यह त्रिभागीय संरचना — Lok Sabha, Rajya Sabha, राष्ट्रपति — UPSC में भारतीय राजव्यवस्था का सबसे अधिक पूछा जाने वाला क्षेत्र है। 1979 के बाद से हर Prelims पेपर में इस पर कम से कम एक प्रश्न रहा है। अधिकांश Mains GS-II पेपरों में कम से कम दो। कारण सरल है: Parliament वह स्थान है जहाँ लगभग हर दूसरी संवैधानिक अवधारणा — संघवाद (federalism), शक्तियों का पृथक्करण (separation of powers), न्यायिक समीक्षा (judicial review), वित्तीय नियंत्रण, संशोधन शक्ति — व्यावहारिक रूप धारण करती है।

UPSC के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है

Parliament Article 79 का "राष्ट्रपति + राज्य परिषद (Council of States) + लोक सभा (House of the People)" है। उस एक वाक्य से तीन बातें निकलती हैं:

  1. राष्ट्रपति Parliament का हिस्सा है, भले ही वह किसी भी सदन में नहीं बैठता। हर Bill को उसकी अनुमति चाहिए; कई के लिए उसकी पूर्व सिफारिश आवश्यक है; वही सदनों का आहूत (summon), सत्रावसान (prorogue) और विघटन (dissolve) करता है। इसे भूल जाइए और आधे चालाक Prelims प्रश्न असंभव हो जाते हैं।

  2. India केंद्र पर अपनी पसंद से द्विसदनीय (bicameral) है — निर्माताओं ने लंबी बहस के बाद UK + USA से यह मॉडल अपनाया। केवल छह राज्य द्विसदनीय हैं; बाकी एकसदनीय (unicameral) हैं। इस असमानता के सजीव राजनीतिक परिणाम हैं (राज्य विधान परिषदों के निर्माण/उन्मूलन पर Article 169)।

  3. दोनों सदन समान-शक्ति वाले हैं सिवाय वहाँ जहाँ संविधान अन्यथा कहता है। अपवाद सटीक हैं और निरंतर पूछे जाते हैं: Money Bills, वित्तीय विधेयक (financial bills), अविश्वास प्रस्ताव (no-confidence motions), विघटन।

UPSC के लिए, आपको (a) संरचना और योग्यता, (b) सत्र और प्रक्रियाएँ, (c) विधायी प्रक्रिया (साधारण, धन, वित्तीय, संवैधानिक संशोधन), (d) वित्तीय नियंत्रण (बजट, अनुदान की माँगें, AG/CAG कड़ी), (e) संसदीय विशेषाधिकार, (f) समितियाँ, और (g) पीठासीन अधिकारियों के कार्यालय — इन सबसे होकर गुजरने में सक्षम होना चाहिए। यह फाइल इन सातों को कवर करती है।

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