ProjectsPilot
भारतीय राजव्यवस्था एवं संविधानप्रारंभिक: उच्चमुख्य परीक्षा: उच्चसाक्षात्कार: मध्यम12 मिनट में पढ़ेंअपडेट किया गया 2026-08-03

Inter-State Council

Inter-State Council · Zonal Councils · GST Council · National Integration Council

Inter-State Council क्या है?

Inter-State Council केंद्र-राज्य समन्वय का भारत का शीर्ष परामर्शी मंच है, जिसकी स्थापना Sarkaria Commission की सिफारिश पर Article 263 के अंतर्गत 28 May 1990 के राष्ट्रपति आदेश से हुई; अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं। Article 263 इसे केवल सक्षम बनाता है, इसलिए यह स्वयं संवैधानिक निकाय नहीं है। भारत के अन्य संघीय मंच हैं — Zonal Councils (1957, अध्यक्ष केंद्रीय गृह मंत्री), National Integration Council (1961, गैर-सांविधिक) और GST Council (Article 279A, 2016)।

कहानी से शुरुआत

तारीख है 18 जुलाई 2017GST Council की पांचवीं बैठक भोजन-अवकाश के लिए टूटने ही वाली है, तभी केरल के वित्त मंत्री Thomas Isaac एक सवाल उठाते हैं: क्या sanitary napkins पर 18% slab में संशोधन होना चाहिए? कमरा बंटा हुआ है। केंद्र का प्रतिनिधि राजस्व की दलील देता है। तमिलनाडु के वित्त मंत्री पहले से लागू ₹220-करोड़-प्रति-वर्ष वाली Khadi छूट का जिक्र करते हैं। Council का 3/4 भारित-मतदान नियम (weighted-voting rule) सक्रिय हो जाता है — अकेले केंद्र के पास 1/3 वोट हैं, और 31 राज्य/UT मिलकर 2/3 वोट रखते हैं। दो और बैठकों के बाद, 21 जुलाई 2018 को 28वीं GST Council फैसला करती है: sanitary napkins पर 0%। GST शुरू होने के बाद यह पहला बड़ा अवसर है जब राज्यों ने मिलकर कोई फैसला अपने पक्ष में पलटा।

GST Council, जिसका नाम अधिकतर भारतीय बता भी नहीं सकते, अब यकीनन भारत की सबसे शक्तिशाली संघीय संस्था है। यह केवल चार प्रमुख संघीय समन्वय संस्थाओं में से एक है: Inter-State Council (परामर्शी, Article 263), Zonal Councils (परामर्शी, States Reorganisation Act 1956), National Integration Council (विशुद्ध रूप से परामर्शी, 1961 के Jabalpur दंगों से जन्मी), और GST Council (संवैधानिक, 101वां संशोधन 2016) — एकमात्र जिसके पास बाध्यकारी राजकोषीय शक्तियां हैं

भारतीय संघवाद अब केवल केंद्र-राज्य का द्विआधारी (binary) समीकरण नहीं रहा। यह councils का एक नेटवर्क है — कुछ संवैधानिक, कुछ सांविधिक (statutory), कुछ गैर-सांविधिक; कुछ दांतदार, अधिकांश परामर्शी। कौन-सी कौन-सी है — और प्रत्येक कब और क्यों बनाई गई — यह जानना सहकारी संघवाद (cooperative federalism) पर हर Mains उत्तर की रीढ़ है।

UPSC के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है

ये चार councils हर साल Prelims में तथ्यात्मक MCQs के रूप में आती हैं (ISC की सदस्यता, GST Council के मतदान भार, NIC का वर्ष, Zonal Council मुख्यालय)। Mains GS-II इन्हें सहकारी संघवाद (cooperative federalism), प्रतिस्पर्धी संघवाद (competitive federalism), और केंद्र-राज्य समन्वय के case studies के रूप में प्रयोग करता है। Interview boards को यह पूछना बहुत पसंद है कि "क्या GST Council अपने आप में एक राजकोषीय संघ (fiscal federation) है?" और "ISC ऐसा क्या कर सकती है जो NITI Aayog नहीं कर सकती?"

पूरे टॉपिक में क्या-क्या है

पढ़ना जारी रखने के लिए मुफ़्त खाता बनाएँ — गहन अध्ययन, परीक्षा-दृष्टिकोण, माइंड मैप और रिवीज़न कार्ड आपका इंतज़ार कर रहे हैं।

  • यहाँ से शुरू करें (शून्य से)
  • फ़्लो डायग्राम और माइंड मैप
  • गहन अध्ययन
  • वास्तविक दुनिया से जुड़ाव
  • याद रखने की तरकीबें
  • प्रारंभिक परीक्षा की दृष्टि से
  • मुख्य परीक्षा की दृष्टि से
  • साक्षात्कार की दृष्टि से
  • सामान्य गलतियाँ और भ्रांतियाँ
  • 5-मिनट रिवीज़न कार्ड
  • संबंधित विषय

पढ़ना जारी रखें — मुफ़्त

पूरा टॉपिक पाएँ — गहन अध्ययन, प्रारंभिक/मुख्य/साक्षात्कार दृष्टिकोण, माइंड मैप, रिवीज़न कार्ड, AI ट्यूटर और दैनिक करेंट अफेयर्स — हिन्दी और अंग्रेज़ी में।

मुफ़्त खाता बनाएँ पहले से सदस्य हैं? साइन इन करें