Grammar specifics by language
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कहानी से शुरुआत
अक्टूबर 2022, Mains परीक्षा हॉल, भोपाल। एक Hindi-माध्यम की अभ्यर्थी अपना अनुवाद उत्तर लिखती है: "राजनीतिक स्थिरता तथा आर्थिक विकास दोनों आवश्यक हैं।" (Political stability and economic development both are necessary.)
परीक्षक तथा पर लाल घेरा लगाता है और ऊपर "and" लिखता है। वह दोनों पर भी घेरा लगाता है और "both" लिखता है। वाक्य के नीचे वह लिखता है: "Redundant. Choose one — either तथा or दोनों, not both." अनुवाद में कटे अंक: 3 में से 1.5। इसे 20 वाक्यों वाले अनुवाद खंड में गुणा करें, तो अभ्यर्थी 8-12 अंक खो देती है — केवल उन व्याकरण-आदतों की वजह से जो गलत सीखी गईं और कभी सुधारी नहीं गईं।
उसके बगल में बैठी एक Bengali अभ्यर्थी एक समान गलती करती है। वह एक cholito-bhasha पत्र मित्र को लिखते समय: "আমি যাইতেছি" (I am going, shadhu-bhasha में) लिखती है। परीक्षक अंकित करता है: "Register mismatch — shadhu in informal context." खोए अंक: 5 में से 2।
तीन पंक्तियाँ आगे बैठी एक Tamil अभ्यर्थी क्रिया-रूप "varuvāy" (you will come, masculine plural) लिखती है जबकि वह एक अकेली महिला को सम्मानपूर्वक संबोधित कर रही थी। Tamil की जटिल सर्वनाम-और-क्रिया सम्मान-प्रणाली ने उसे उलझा दिया। खोए अंक: 4 में से 1।
भारतीय भाषा अर्हक पेपर में व्याकरण-संबंधी गलतियाँ व्यवस्थित, पहचानने योग्य और टाली जा सकने वाली होती हैं। प्रत्येक भाषा के अपने सर्वाधिक परीक्षित 10 व्याकरण बिंदु होते हैं, और जो अभ्यर्थी इन्हें विशेष रूप से अभ्यास करता है, वह बोध और निबंध अंकों के ऊपर 12-18 अंक और अर्जित करता है। यह इकाई भाषा-वार उच्च-उपज व्याकरण बिंदुओं की सूची प्रस्तुत करती है।
UPSC के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है
भारतीय भाषा अर्हक पेपर 300 अंकों का होता है। व्याकरण-दक्षता की परीक्षा चारों खंडों में होती है: बोध (शब्द-भंडार + वाक्य-विश्लेषण), सारांश-लेखन (व्याकरणिक संकुचन), लघु निबंध (क्रिया-काल की एकरूपता, वाच्य) और अनुवाद (शब्दानुवाद तथा भावानुवाद)। UPSC परीक्षकों को विशेष रूप से निम्नलिखित के लिए अंक काटने का प्रशिक्षण दिया जाता है:
- क्रिया-संज्ञा अन्वय की गलतियाँ।
- काल-परिवर्तन की गलतियाँ (भूत और वर्तमान का अनुचित मिश्रण)।
- आदर-स्तर का बेमेल (जैसे आप के साथ तू वाली क्रिया का प्रयोग)।
- भाषा-पंजी का फिसलाव (उच्च-शास्त्रीय को बोलचाल के साथ मिलाना)।
- प्राचीन या सामासिक शब्दों में वर्तनी-त्रुटियाँ।
- अनुच्छेद-आधारित उत्तरों में विराम-चिह्न की गलतियाँ।
300 अंकों के पेपर में व्याकरण-कटौती से सामान्यतः 20-30 अंकों की हानि होती है। जो अभ्यर्थी एक महीने में 15-30 घंटे विशेष रूप से व्याकरण पर काम करता है, वह इस हानि को 5-8 अंकों तक सीमित कर सकता है — यानी 15-20 अंकों की शुद्ध बढ़त।
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