Public/Civil Service Values
Public/Civil Service Values — accountability, responsiveness
कहानी से शुरुआत
समय है अक्टूबर 2005, मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh)। Aruna Roy, 1968 बैच की एक IAS अधिकारी जिन्होंने ग्रामीण समुदायों के साथ काम करने के लिए 1975 में इस्तीफ़ा दे दिया, MKSS — Mazdoor Kisan Shakti Sangathan का नेतृत्व करते हुए भीलवाड़ा (Bhilwara) ज़िले में एक "जन सुनवाई" (public hearing) में पहुँचती हैं। एक निर्माण परियोजना — एक नई गाँव की सड़क — ₹14 लाख में स्वीकृत हुई थी। रिकॉर्ड में लिखा था 100% पूर्ण। गाँव वाले, उस धूल भरी ज़मीन पर खड़े जहाँ सड़क होनी चाहिए थी, इशारा करके हँसते हैं। रिकॉर्ड पर Block Development Officer, Junior Engineer और Sarpanch के हस्ताक्षर थे। कोई सड़क मौजूद ही नहीं थी। ₹14 लाख हस्ताक्षरों की एक श्रृंखला में गायब हो चुके थे।
वह एकल जन सुनवाई — हज़ारों गाँवों में दोहराई गई — वही राजनीतिक दबाव बन गई जिसने Right to Information Act, 2005 को जन्म दिया। MKSS के **Aruna Roy
- Nikhil Dey + Shankar Singh**, Aruna Bagchi और कई अन्य लोगों ने उस लड़ाई में 14 साल लगाए (1990-2005)। RTI Act 12 अक्टूबर 2005 को लागू हुआ। अपने पहले दशक में, नागरिकों द्वारा 3 करोड़ (30 million) RTI आवेदन दाख़िल किए गए। इनमें से ~70% ने सूचना प्राप्त की; ~30% अस्वीकृत या अनुत्तरित रहे।
इस Act ने जवाबदेही (accountability) को पैदा नहीं किया — इसने एक संवैधानिक मूल्य को कार्यात्मक बनाया जो 1947 के बाद से चुपचाप क्षीण होता जा रहा था। Article 32 + Article 226 + Article 311 + Article 19(1)(a) ने हमेशा जवाबदेह सरकार का वादा किया था; RTI ने आम नागरिक को उस वादे को लागू कराने का एक रोज़मर्रा का औज़ार दिया। Responsiveness (अनुक्रियाशीलता) — सरकार की नागरिक की आवाज़ को सुनने और उस पर कार्य करने की इच्छा — नई कार्यात्मक सीमा (frontier) बन गई।
UPSC उम्मीदवार के लिए, public/civil-service values (लोक/सिविल सेवा मूल्य) सामूहिक संस्थागत नैतिकता हैं — वह सांस्कृतिक अधोसंरचना (cultural infrastructure) जो ईमानदारी और निष्पक्षता जैसे व्यक्तिगत सद्गुणों को टिकाऊ बनाती है। सहायक संस्थागत मूल्यों के बिना, उच्च-ईमानदारी वाले अधिकारी भी थककर चूर (burn out) हो जाते हैं।
UPSC के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है
2015, 2017, 2019, 2021, 2023, 2024 में सीधे ऐसे स्टेम (stems) के तहत पूछा गया जैसे "लोक सेवा में जवाबदेही और अनुक्रियाशीलता की भूमिका पर चर्चा करें"; "जवाबदेही (accountability) और उत्तरदायित्व (responsibility) में क्या अंतर है?"; "नागरिक चार्टर (citizen charters) सरकारी अनुक्रियाशीलता को कैसे बढ़ा सकते हैं?" Prelims केवल GS-IV तक सीमित है, परन्तु Interview बोर्ड हर शासन-संबंधी प्रश्न के माध्यम से इन्हें टटोलते हैं — "आप अपने कार्यालय को अधिक जवाबदेह कैसे बनाएँगे?"
पूरे टॉपिक में क्या-क्या है
पढ़ना जारी रखने के लिए मुफ़्त खाता बनाएँ — गहन अध्ययन, परीक्षा-दृष्टिकोण, माइंड मैप और रिवीज़न कार्ड आपका इंतज़ार कर रहे हैं।
- यहाँ से शुरू करें (शून्य से)
- फ़्लो डायग्राम और माइंड मैप
- गहन अध्ययन
- वास्तविक दुनिया से जुड़ाव
- याद रखने की तरकीबें
- प्रारंभिक परीक्षा की दृष्टि से
- मुख्य परीक्षा की दृष्टि से
- साक्षात्कार की दृष्टि से
- सामान्य गलतियाँ और भ्रांतियाँ
- 5-मिनट रिवीज़न कार्ड
- संबंधित विषय
पढ़ना जारी रखें — मुफ़्त
पूरा टॉपिक पाएँ — गहन अध्ययन, प्रारंभिक/मुख्य/साक्षात्कार दृष्टिकोण, माइंड मैप, रिवीज़न कार्ड, AI ट्यूटर और दैनिक करेंट अफेयर्स — हिन्दी और अंग्रेज़ी में।
मुफ़्त खाता बनाएँ पहले से सदस्य हैं? साइन इन करें