Ethics & Human Interface
Ethics & Human Interface — essence, determinants, consequences
Ethics & Human Interface क्या है?
नैतिकता (Ethics) मानव आचरण में सही, अच्छे और न्यायसंगत का विवेकपूर्ण अध्ययन है; यह शब्द ग्रीक ethos अर्थात् चरित्र से बना है। नैतिक नियम (morality) समाज द्वारा माने गए नियम हैं, जबकि ethics उन नियमों पर तर्कपूर्ण चिंतन है। इसका सार गरिमा, स्वतंत्र इच्छा, विवेक और सामाजिक अस्तित्व में है, और इसके निर्धारक हैं आनुवंशिकता, परिवार, संगी-साथी, धर्म, शिक्षा तथा संस्थाएँ।
कहानी से शुरुआत
1962 में, क्यूबा मिसाइल संकट (Cuban Missile Crisis) की ठंडी सुबह में, John F. Kennedy के पास यह तय करने के लिए तेरह दिन थे कि क्यूबा पर हमला किया जाए या बातचीत की जाए। उनके जनरलों ने — हर एक ने — सैन्य हमले की सिफ़ारिश की। "तर्कसंगत" जवाब था पहले हमला करना। Kennedy रुक गए। उन्होंने एक ऐसा प्रश्न पूछा जो किसी भी ब्रीफ़िंग पत्र में नहीं था: "अगर हमने क्यूबा पर बमबारी कर दी, तो Moscow में बैठे एक रूसी बालक को दुनिया कैसी दिखेगी?" नैतिक कल्पनाशीलता (moral imagination) का वह एक कार्य — कार्य करने से पहले किसी दूसरे मनुष्य के स्थान पर खड़े होने की तत्परता — को व्यापक रूप से परमाणु युद्ध टालने का श्रेय दिया जाता है।
एक दशक बाद समुद्र पार, Manipur में Armstrong Pame नामक एक युवा IAS अधिकारी के सामने एक छोटा परंतु समानांतर विकल्प था: उनके सब-डिवीज़न के गाँववालों के पास न सड़क थी, न क्लिनिक, न स्कूल, और Delhi का बजट चक्र तीन साल लेता। उन्होंने इंतज़ार नहीं किया। उन्होंने Facebook पर पैसे जुटाए, गाँववालों को संगठित किया, और सरकारी कोष का एक रुपया लगाए बिना 100 किमी की पहाड़ी सड़क — "People's Road" (जनता की सड़क) — बना दी।
दो अधिकारी, दो महाद्वीप, पचास साल का अंतर। दोनों ने ऐसे निर्णय लिए जिनकी किसी नियम-पुस्तिका ने माँग नहीं की थी और किसी प्रक्रिया ने अनिवार्य नहीं किया था। वही स्थान — कानून जो अनुमति देता है और अंतरात्मा जो माँग करती है के बीच — नैतिकता (ethics) है। और जहाँ नैतिकता एक जीते-जागते मानव निर्णयकर्ता से मिलती है, वही अंतरापृष्ठ (interface) GS-IV का हृदय है।
UPSC के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है
यह इकाई GS-IV (Paper IV, 250 अंक) का पहला प्रहार है। UPSC ने मानव कार्यों में नैतिकता के सार, निर्धारकों और परिणामों पर 2013, 2016, 2018, 2020, और 2022 में सीधे प्रश्न पूछे हैं — जिससे यह पेपर का सबसे अधिक आवृत्ति वाला Mains विषय बन जाता है। Prelims इसे शायद ही छूता है (Ethics केवल Mains का पेपर है), परंतु Interview बोर्ड परिस्थितिजन्य दुविधाओं (situational dilemmas) के माध्यम से इसकी अथक छानबीन करते हैं।
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