ProjectsPilot
कला एवं संस्कृतिप्रारंभिक: उच्चमुख्य परीक्षा: मध्यमसाक्षात्कार: मध्यम12 मिनट में पढ़ेंअपडेट किया गया 2026-06-01

Languages of India

Languages of India · scheduled languages · script families

कहानी से शुरुआत

1949, संविधान सभा (Constituent Assembly)। सबसे विवादास्पद बहस Article 17 (अस्पृश्यता) या Article 14 (समानता) पर नहीं है। यह है Article 343 पर — भारतीय संघ की राजभाषा पर।

तीन वर्षों से सभा इस पर लड़ रही है। Purushottam Das Tandon, Seth Govind Das, और हिंदी गुट चाहते हैं कि हिंदी को the राष्ट्रभाषा घोषित किया जाए और अंग्रेज़ी को 15 वर्षों में चरणबद्ध रूप से समाप्त किया जाए। T. T. Krishnamachari, Frank Anthony, और दक्षिण भारतीय प्रतिनिधि चेतावनी देते हैं कि यह "दक्षिण के विरुद्ध भाषाई रंगभेद (linguistic apartheid against the south)" है। Frank Anthony इसे यादगार ढंग से "एक भाषाई गृहयुद्ध जो होने की प्रतीक्षा में है (linguistic civil war waiting to happen)" कहते हैं।

Munshi-Ayyangar formula को एक समझौते के रूप में सभा के पटल पर गढ़ा जाता है: देवनागरी लिपि में हिंदी संघ की राजभाषा (official language) बन जाती है (न कि "राष्ट्रभाषा"); अंग्रेज़ी 15 वर्षों तक जारी रहती है (1965 तक), जिसकी समीक्षा होनी है; और चौदह "भारत की भाषाएँ" को Eighth Schedule में मान्यता दी जाती है — जो भारत के भाषाई संघवाद का बीज बन जाती है।

1965 में, जब हिंदी को एकमात्र राजभाषा बनना था, तमिलनाडु हिंदी-विरोधी आंदोलन से भड़क उठता है; दो छात्र आत्मदाह कर लेते हैं। प्रधानमंत्री Lal Bahadur Shastri अंग्रेज़ी को सहायक राजभाषा के रूप में अनिश्चितकाल तक बनाए रखने पर सहमत होते हैं। Official Languages Act 1963 (1967 में संशोधित) इसे संहिताबद्ध करता है।

इस संघर्ष ने भारतीय भाषाई नीति का खाका तैयार किया: एक संवैधानिक रूप से संरक्षित मातृभाषा-तंत्र, एकीकृत संपर्क-भाषा (lingua franca) के रूप में अंग्रेज़ी, राजकीय संपर्क-भाषा के रूप में हिंदी, और Eighth Schedule वह राजनीतिक स्थान जहाँ नई भाषाएँ मान्यता के लिए दबाव बना सकती हैं। आज 22 भाषाएँ अनुसूचित हैं। 6 शास्त्रीय (classical) हैं। 23वीं कतार में है (Tulu, Bhojpuri, और अन्य की मांगें जारी हैं)।

UPSC के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है

भाषाएँ और लिपियाँ Prelims में लगभग हर वर्ष आती हैं — आमतौर पर एक लिपि-परिवार का मिलान, एक Schedule सूची, या एक शास्त्रीय-भाषा की आवश्यकता। Mains GS-I इसका उपयोग "भाषाई विविधता और राष्ट्रीय एकीकरण" की प्रस्तावना के लिए करता है। साक्षात्कार बोर्ड इसकी जाँच NEP 2020 के त्रिभाषा सूत्र (three-language formula), शास्त्रीय-भाषा की मांग, और Bhojpuri / Tulu मान्यता-बहस के लिए करते हैं।

पूरे टॉपिक में क्या-क्या है

पढ़ना जारी रखने के लिए मुफ़्त खाता बनाएँ — गहन अध्ययन, परीक्षा-दृष्टिकोण, माइंड मैप और रिवीज़न कार्ड आपका इंतज़ार कर रहे हैं।

  • यहाँ से शुरू करें (शून्य से)
  • फ़्लो डायग्राम और माइंड मैप
  • गहन अध्ययन
  • वास्तविक दुनिया से जुड़ाव
  • याद रखने की तरकीबें
  • प्रारंभिक परीक्षा की दृष्टि से
  • मुख्य परीक्षा की दृष्टि से
  • साक्षात्कार की दृष्टि से
  • सामान्य गलतियाँ और भ्रांतियाँ
  • 5-मिनट रिवीज़न कार्ड
  • संबंधित विषय

पढ़ना जारी रखें — मुफ़्त

पूरा टॉपिक पाएँ — गहन अध्ययन, प्रारंभिक/मुख्य/साक्षात्कार दृष्टिकोण, माइंड मैप, रिवीज़न कार्ड, AI ट्यूटर और दैनिक करेंट अफेयर्स — हिन्दी और अंग्रेज़ी में।

मुफ़्त खाता बनाएँ पहले से सदस्य हैं? साइन इन करें