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कृषिप्रारंभिक: उच्चमुख्य परीक्षा: उच्चसाक्षात्कार: मध्यम12 मिनट में पढ़ेंअपडेट किया गया 2026-06-02

Recent reforms

Recent reforms — 3 Farm Laws (repealed) · MSP committee

कहानी से शुरुआत

5 जून 2020 का दिन है। भारत COVID लॉकडाउन के तीसरे महीने में है। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक होती है — कुछ सदस्य वर्चुअली, कुछ मास्क पहनकर कमरे में — और तीन अध्यादेशों को मंज़ूरी मिलती है:

  1. Farmers' Produce Trade and Commerce (Promotion and Facilitation) Ordinance, 2020 — APMC (Agricultural Produce Market Committee) मंडी प्रणाली के बाहर कृषि उपज के व्यापार की अनुमति देता है।
  2. Farmers (Empowerment and Protection) Agreement on Price Assurance and Farm Services Ordinance, 2020कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग (अनुबंध खेती) के लिए कानूनी ढाँचा प्रदान करता है।
  3. Essential Commodities (Amendment) Ordinance, 2020 — Essential Commodities Act 1955 के तहत अनाज, दलहन, तिलहन, खाद्य तेल, प्याज, और आलू को भंडार सीमाओं से बाहर करता है (असाधारण परिस्थितियों को छोड़कर)।

ये सुधार — जिनकी वकालत Shanta Kumar Committee (2015), Ashok Dalwai Committee (2017), CACP, और NITI Aayog लंबे समय से करते आए थे — औपनिवेशिक काल की APMC एकाधिकार व्यवस्था को तोड़ने, कृषि को निजी खरीदारों, ई-प्लेटफॉर्म, और कॉर्पोरेट प्रोसेसरों के लिए खोलने का वादा करते थे।

सितंबर 2020 तक, तीनों अध्यादेश संसद में अधिनियम के रूप में पारित हो गए। नवंबर 2020 तक, लाखों किसान — मुख्यतः पंजाब, हरियाणा, और पश्चिमी UP से — दिल्ली की सीमाओं पर एकत्रित हो गए। वे सिंघु, टीकरी और गाज़ीपुर पर डेरा डालने लगे। आंदोलन दिसंबर की कड़ाके की ठंड, जनवरी के गणतंत्र दिवस के हंगामे, गर्मी की तपिश, और मानसून की बारिश से गुज़रता रहा। 750 से अधिक किसानों की मृत्यु आंदोलन स्थलों पर हुई (Samyukta Kisan Morcha की गिनती के अनुसार)। उच्चतम न्यायालय ने जनवरी 2021 में 4 सदस्यीय समिति नियुक्त की — जिसने पाया कि परामर्श किए गए 86% किसान कानूनों के समर्थन में थे — लेकिन आंदोलन को शांत करना संभव नहीं हो सका।

19 नवंबर 2021 को PM Modi ने Guru Nanak Jayanti पर दूरदर्शन के ज़रिए राष्ट्र को संबोधित करते हुए तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा की। Farm Laws Repeal Act, 2021 को 29 नवंबर 2021 को कार्यवाही शुरू होने के मात्र 5 मिनट के भीतर पारित कर दिया गया — बिना किसी बहस के। सरकार ने साथ ही MSP गारंटी और फसल विविधीकरण पर विचार के लिए एक समिति बनाने की घोषणा की।

Sanjay Agrawal (पूर्व कृषि सचिव) की अध्यक्षता में MSP समिति ने 22 महीने काम करने के बाद जुलाई 2024 में अपना मसौदा प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।

क्या हुआ? और भारतीय कृषि के लिए आगे का सुधार एजेंडा क्या है?

UPSC के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है

3 Farm Laws (2020-21) और MSP Committee (2022-24) 1991 के बाद से सबसे अधिक चर्चित समकालीन कृषि सुधार प्रकरण हैं। UPSC इसे GS-III (अर्थव्यवस्था + कृषि), GS-II (संघवाद, संसदीय प्रक्रियाएँ), और Essay में परीक्षा में पूछता है। Prelims में Farm Laws, MSP, और e-NAM पहले ही परखे जा चुके हैं (2021, 2023, 2024)। 2020 के बाद हर चक्र में कृषि विपणन सुधार पर Mains प्रश्न आते हैं। Interview बोर्ड यह पूछता है कि क्या कानूनों को पुनः लागू किया जाना चाहिए था।

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