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विश्व इतिहासप्रारंभिक: मध्यममुख्य परीक्षा: उच्चसाक्षात्कार: मध्यम12 मिनट में पढ़ेंअपडेट किया गया 2026-06-02

Inter-war period

Inter-war period · Great Depression · rise of fascism · Mussolini · Hitler · Tojo

Inter-war period क्या है?

अंतर-युद्ध काल (inter-war period) 11 November 1918 के युद्धविराम और 1 September 1939 को जर्मनी के पोलैंड आक्रमण के बीच के बीस वर्ष दस महीने हैं। 1924 के बाद की अल्प स्थिरता October 1929 के Wall Street Crash से टूट गई, और महामंदी ने फ़ासीवाद को सत्ता तक पहुँचाया: 1922 के March on Rome से Mussolini, और 30 January 1933 को चांसलर बने Hitler।

कहानी से शुरुआत

गुरुवार, 24 अक्टूबर 1929। न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज, 11 Wall Street। सुबह 11 बजे व्यापार अफ़रातफ़री में खुला। दोपहर तक US Steel 205 से गिरकर 193 पर आ गया, General Motors 73 से 65 पर, Radio Corporation of America 68½ से 44½ पर। बैंकरों ने J.P. Morgan & Co. में एकत्रित होकर बाज़ार का विश्वास पुनः बहाल करने के लिए शेयर खरीदे। शुक्रवार को थोड़ी राहत मिली। फिर आया Black Monday 28 अक्टूबर (Dow 12.8% गिरा) और Black Tuesday 29 अक्टूबर (Dow 11.7% गिरा, रिकॉर्ड 1.64 करोड़ शेयरों के कारोबार पर — यह मात्रा 1968 तक नहीं टूटी)। सात कारोबारी सत्रों में $30 अरब का बाज़ार मूल्य स्वाहा हो गया — लगभग उतना ही, जितना America ने पूरे पहले विश्व युद्ध पर खर्च किया था। तीन वर्षों में Dow Jones Industrial Average अपनी चोटी 381 (3 सितंबर 1929) से गिरकर मात्र 41 (8 जुलाई 1932) पर आ गया — यानी 89% का पतन।

1932 तक 1.3 करोड़ अमेरिकी बेरोज़गार थे (कार्यबल का 25%), एक-तिहाई अमेरिकी बैंक दिवालिया हो चुके थे, और वैश्विक व्यापार दो-तिहाई सिकुड़ गया था। Germany में 60 लाख बेरोज़गार थे, और एक 43-वर्षीय ऑस्ट्रियाई असफल चित्रकार Adolf Hitler — जिसकी Nazi Party को 1928 में मात्र 2.6% मत मिले थे — जुलाई 1932 में 37.3% मत जीतकर Reichstag की सबसे बड़ी पार्टी बनने वाला था। Italy में Benito Mussolini 1922 से प्रधानमंत्री और 1925 से तानाशाह था। Tokyo में जूनियर सेना अधिकारी तख्तापलट के प्रयास में उदारवादी नेताओं की हत्या कर रहे थे। महज बारह वर्षों में — 1919 में हस्ताक्षरित Treaty of Versailles से लेकर 1931 में Manchuria पर जापानी आक्रमण तक — युद्धोत्तर व्यवस्था ध्वस्त हो रही थी। 1939 तक दुनिया फिर युद्ध में होगी।

UPSC के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है

UPSC के GS-I "महत्त्वपूर्ण घटनाएँ" पाठ्यक्रम में अंतर-युद्ध काल को दोनों विश्वयुद्धों के बीच की कड़ी माना गया है — और यह एक प्रयोगशाला है यह समझने के लिए कि आर्थिक एवं वैचारिक दबाव में लोकतंत्र कैसे विफल होते हैं। Prelims में Great Depression, New Deal, Beer Hall Putsch, March on Rome, Munich Agreement (1938) पर प्रश्न आए हैं। Mains में Versailles → Nazism, सामूहिक सुरक्षा की विफलता तथा फ़ासीवाद बनाम लोकतंत्र पर प्रश्न पूछे जाते हैं। भार: Prelims में मध्यम, Mains में उच्च।

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