Paper II
Paper II — Industry · location, regions, problems
कहानी से शुरुआत
मार्च 2024 में Dholera Special Investment Region (Gujarat) के एक हरे-भरे (ग्रीन-फील्ड) भूखंड पर Tata-PSMC consortium ने भारत के पहले वाणिज्यिक-श्रेणी के अर्धचालक निर्माण संयंत्र (commercial-grade semiconductor fabrication plant) की नींव रखी — यह एक 28-nm logic fab है जिसकी प्रति माह 50,000 wafer starts की क्षमता है और जिसमें ₹91,000 करोड़ का निवेश किया गया है। इस समारोह में प्रधानमंत्री, गुजरात के मुख्यमंत्री, Powerchip Semiconductor Manufacturing Corporation (Taiwan) के अध्यक्ष और Ministry of Electronics and Information Technology के मुख्य अर्थशास्त्री उपस्थित थे। यह स्थान-चयन कदापि आकस्मिक नहीं था। Dholera SIR एक समतल, कम-लागत वाले तटीय पठार पर स्थित है — अहमदाबाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 100 km, नए Mumbai-Ahmedabad-Delhi DFC (Dedicated Freight Corridor) से जुड़ा हुआ, 750 MW के समर्पित सौर-ऊर्जा पार्क से संचालित, और दो भावी गहरे-जल बंदरगाहों (Hazira, Pipavav) से 80 km के दायरे में।
यह एकल निर्णय — Tata semiconductor को Dholera में स्थापित करना — औद्योगिक अवस्थान सिद्धांत (industrial location theory) के प्रत्येक शास्त्रीय एवं आधुनिक पहलू का जीवंत प्रदर्शन है, जिनसे UPSC Geography Optional Paper II में प्रश्न पूछे जाते हैं: Alfred Weber का परिवहन-श्रम न्यूनीकरण (transport-labour minimisation), Walter Isard का अंतर-क्षेत्रीय input-output, Hotelling का locational duopoly, Krugman की New Economic Geography (1991), Porter का diamond model of clusters (1990), और Storper-Walker का labour-control regimes सिद्धांत। भारत की औद्योगिक भूगोल 1956 से अब तक — Hindustan Steel के Bhilai-Rourkela-Durgapur, फिर Gurugram में Maruti, फिर Bangalore IT cluster, अब Dholera chips, Sri City automobile, Sanand auto — अवस्थान की बदलती गणना का एक लंबा केस-स्टडी रही है।
UPSC Geography Optional Paper II में औद्योगिक प्रश्नों की दो विशिष्ट श्रेणियाँ होती हैं: (a) विशिष्ट भारतीय उद्योगों पर लागू अवस्थान सिद्धांत (लोहा-इस्पात, सूती वस्त्र, चीनी, पेट्रोकेमिकल, IT), और (b) क्षेत्रीय औद्योगिक भूगोल (Spate/Singh के अनुसार भारत के आठ औद्योगिक क्षेत्र, साथ ही नए PLI/SIR महा-क्षेत्र)। यह फ़ाइल दोनों को विकसित करती है।
UPSC के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है
UPSC Geography Optional Paper II के Section A में 2014 से प्रत्येक वर्ष कम-से-कम एक उद्योग प्रश्न अवश्य रहा है; 2017 और 2022 में एक ही पेपर में दो उद्योग प्रश्न आए थे। Mains GS-III (अवसंरचना), GS-I (औद्योगिक विकास), और Essay में भी औद्योगिक भूगोल का उपयोग होता है। उद्योग भारत की क्षेत्रीय असमानता की बहस, Mahalanobis विवाद, PLI रणनीति, और विनिर्माण हिस्से के प्रश्न (GDP के 25% का लक्ष्य; वर्तमान 14%) के केंद्र में है।
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