Paper I
Paper I — Geomorphology · plate tectonics, landforms, slope analysis
कहानी से शुरुआत
1912 में जर्मन मौसम-वैज्ञानिक Alfred Wegener Frankfurt के Geological Association में एक संशयी श्रोता-समूह के सामने खड़े हुए और एक अविश्वसनीय दावा किया: महाद्वीप कभी एक ही भूखंड — Pangaea — के रूप में जुड़े हुए थे और तब से अलग होकर खिसक गए हैं। उनके पास कोई तंत्र (mechanism) नहीं था; केवल मेल खाते तटरेखाएँ थीं, ब्राज़ील और दक्षिण अफ्रीका में एक-समान Mesosaurus जीवाश्म थे, और भारत, ऑस्ट्रेलिया तथा अंटार्कटिका में पाई जाने वाली हिमानी खुरचन (glacial striations) थीं — जो एक साझा Permo-Carboniferous हिमटोप की ओर संकेत करती थीं। श्रोता हँस पड़े। Sir Harold Jeffreys ने महाद्वीपीय प्रवाह को गणितीय दृष्टि से असंभव बताकर ख़ारिज कर दिया। Wegener 1930 में ग्रीनलैंड के बर्फीले मैदान पर अपनी मृत्यु को प्राप्त हुए — उनके सिद्धांत की पुष्टि अभी चार दशक दूर थी।
वह पुष्टि टुकड़ों में आई। Arthur Holmes (1929) ने संवहन धाराओं (convection currents) को मेंटल में प्रमुख चालक-बल के रूप में प्रस्तावित किया। Harry Hess (1962) ने Mid-Atlantic Ridge पर समुद्री-तल प्रसार (sea-floor spreading) का मानचित्रण किया। Tuzo Wilson (1965) ने रूपांतरण भ्रंशों (transform faults) और महासागरीय खुलने-बंद होने के Wilson cycle को नाम दिया। 1968 तक Le Pichon, McKenzie, और Morgan ने इन सूत्रों को प्लेट विवर्तनिकी (plate tectonics) में बुन दिया — भूविज्ञान का एकीकृत सिद्धांत, जो ठोस पृथ्वी के लिए वैसा ही है जैसा जीव-विज्ञान के लिए विकास का सिद्धांत।
भू-आकृति विज्ञान (Geomorphology) — भू-आकृतियों का अध्ययन — प्लेट विवर्तनिकी के नीचे की कड़ी है। जहाँ प्लेटें टकराती हैं, वहाँ पर्वत उठते हैं। जहाँ वे अलग होती हैं, वहाँ दरारें (rifts) खुलती हैं। जहाँ वे एक-दूसरे से रगड़ खाती हैं, वहाँ भूकंप आते हैं। और उन्हीं पर्वतों, दरारों और मैदानों पर नदियाँ घाटियाँ गढ़ती हैं, हिमनद U-आकार के गर्त काटते हैं, वायु बरखान बनाती है, और लहरें समुद्री भृगुओं (sea cliffs) में खाँचे काटती हैं — यह बहिर्जात शक्तियों (exogenic forces) का वह नित्य कार्य है जो अंतर्जात शक्तियों (endogenic forces) द्वारा निर्मित धरातल को तराशता है। यह अध्ययन-सामग्री उस सैद्धांतिक ढाँचे को समझाती है जो भू-आकृतिविदों ने तब से बनाया है जब William Morris Davis ने 1899 में अपरदन-चक्र (cycle of erosion) की संकल्पना प्रस्तुत की थी — और उन समकालीन आलोचनाओं को भी, जिन्होंने इस अनुशासन को पुनः आकार दिया है।
UPSC के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है
भू-आकृति विज्ञान UPSC Geography Optional Paper I की पहली इकाई है और इस विषय का सैद्धांतिक आधार है। 2014 से 2024 के बीच हर Mains optional paper में कम-से-कम एक प्रत्यक्ष भू-आकृति-विज्ञान प्रश्न रहा है — 2023 में ढाल विश्लेषण (slope analysis), 2022 में हिमालयी विवर्तनिकी, 2019 में अनुप्रयुक्त भू-आकृति विज्ञान, और Davis-Penck बहस दशक भर में बार-बार आती रही है। यह इकाई जलवायु विज्ञान (उत्थान से अपक्षय), समुद्र विज्ञान (मध्य-महासागरीय कटक), और पर्यावरण भूगोल (सामूहिक संचलन, प्राकृतिक आपदाएँ) के प्रश्नों को भी पोषित करती है।
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