Social media regulation
Social media regulation · IT Rules 2021 · fact-checking
कहानी से शुरुआत
तारीख है 25 फरवरी 2021। Ministry of Electronics & IT (MeitY) और Ministry of Information & Broadcasting (MIB) मिलकर Information Technology (Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) Rules, 2021 अधिसूचित करते हैं — जिन्हें आम बोलचाल में IT Rules 2021 कहा जाता है। इसका तात्कालिक कारण: COVID के दौरान साल भर चलने वाले भड़काऊ WhatsApp फॉरवर्ड, जनवरी 2021 में चिह्नित किए गए Khalistan खातों को लेकर Twitter से टकराव, और ऑनलाइन child sexual abuse material पर रोक लगाने का Prajwala v. Union of India (2018) में Supreme Court का निर्देश।
इन Rules ने भारतीय इंटरनेट के कानूनी व्याकरण को नए सिरे से परिभाषित कर दिया। Twitter, WhatsApp, Facebook, YouTube, Instagram — ये सब अचानक Significant Social Media Intermediaries (SSMIs) बन गए, जिनके पास नियुक्त Chief Compliance Officers, Nodal Contact Persons और Resident Grievance Officers होने अनिवार्य थे। पहले प्रवर्तक की पहचान (Traceability of first originator) — मैसेजिंग प्लेटफॉर्मों पर अनिवार्य कर दी गई। सरकारी नोटिस पर 72-घंटे में टेकडाउन। सबसे ऊपर सरकार द्वारा नियुक्त अपीलीय समिति के साथ एक तीन-स्तरीय शिकायत निवारण (three-tier grievance redressal) तंत्र।
WhatsApp ने Delhi High Court में मुकदमा दायर किया। Twitter ने महीनों तक विरोध किया और Ghaziabad वायरल वीडियो मामले में जुलाई 2021 में अपना Section 79 का "safe harbour" गँवा बैठा। 2023 तक, Rule 3(1)(b)(v) के तहत Fact Check Unit (FCU) की अधिसूचना ने एक संवैधानिक चुनौती — Kunal Kamra v. Union of India — को जन्म दिया, और Bombay High Court ने सितंबर 2024 में FCU नियम को Article 19(1)(a) के विरुद्ध ultra vires (अधिकारातीत) मानते हुए रद्द कर दिया।
UPSC GS-III के लिए, यह आंतरिक सुरक्षा + मौलिक अधिकार + प्रौद्योगिकी कानून का सबसे समकालीन प्रतिच्छेदन (intersection) है।
UPSC के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है
GS-III स्पष्ट रूप से आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों में मीडिया और सोशल नेटवर्किंग साइटों की भूमिका को सूचीबद्ध करता है। IT Rules 2021 और Bombay HC का FCU फैसला (2024) अब मानक Mains आधार-बिंदु बन चुके हैं। Prelims में तीन-स्तरीय तंत्र, 24/36/72-घंटे की समय-सीमाएँ, Rule 4(2) के तहत traceability, और Section 79 safe harbour की परख हो चुकी है। Interview बोर्ड अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बनाम राष्ट्रीय सुरक्षा के संतुलन पर सवाल करते हैं।
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