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आंतरिक सुरक्षाप्रारंभिक: उच्चमुख्य परीक्षा: उच्चसाक्षात्कार: उच्च12 मिनट में पढ़ेंअपडेट किया गया 2026-06-01

Cross-border terrorism

Cross-border terrorism · Pakistan, Afghanistan trade-routes

सीमा-पार आतंकवाद क्या है?

सीमा-पार आतंकवाद वह आतंकवाद है जिसकी योजना, वित्तपोषण या शुरुआत किसी देश की सीमा के बाहर से होती है; भारत के संदर्भ में इसका अर्थ है पाकिस्तान स्थित संगठन — 1990 में बना लश्कर-ए-तैयबा और 2000 में बना जैश-ए-मोहम्मद — जो ISI के सहयोग से सक्रिय हैं। इसके प्रमुख उदाहरण हैं 2008 का 26/11 मुंबई हमला, जिसमें 166 लोग मारे गए, और 14 फरवरी 2019 का पुलवामा, जिसका उत्तर 26 फरवरी 2019 की बालाकोट हवाई कार्रवाई थी।

कहानी से शुरुआत

तारीख है 14 February 2019, समय 3:15 PM, स्थान Jammu-Srinagar National Highway (NH-44) पर Pulwama जिले के Lethpora village के पास। छुट्टी से लौटता हुआ 78 वाहनों का एक CRPF convoy जिसमें 2,547 जवान सवार हैं। एक Mahindra Scorpio SUV — जिसमें ~300 kg RDX + ammonium nitrate भरा है — 76th Battalion की bus number 76 से जा टकराती है। 40 CRPF जवान शहीद, 8 घायल। हमलावर: Adil Ahmad Dar, Jaish-e-Mohammed (JeM) का 20 वर्षीय स्थानीय भर्ती। Masood Azhar के नेतृत्व वाला JeM कुछ ही घंटों में इसकी जिम्मेदारी ले लेता है।

12 दिन बाद, 26 February 2019: Indian Air Force के Mirage-2000 विमान Khyber Pakhtunkhwa, Pakistan में Jaba Top, Balakot के JeM training camp पर हमला करते हैं — 1971 के बाद Pakistani क्षेत्र पर पहला cross-LoC IAF हमला। भारत इसे "non-military pre-emptive action" (गैर-सैन्य पूर्वव्यापी कार्रवाई) कहता है। Pakistan 27 February को PAF घुसपैठ के साथ जवाब देता है; Wing Commander Abhinandan Varthaman को पकड़ा जाता है और फिर 1 March 2019 को छोड़ दिया जाता है।

यह है Pulwama-Balakot crisis — Pakistan-आधारित समूहों द्वारा प्रायोजित cross-border terrorism के 35-वर्षीय pattern का एक अध्याय: Lashkar-e-Taiba (LeT), Jaish-e-Mohammed (JeM), Hizbul Mujahideen (HM), Harkat-ul-Mujahideen (HuM), और Indian Mujahideen (IM)1989 के Kashmir insurgency से लेकर 26/11 Mumbai 2008, Uri 2016, Pulwama 2019, और Reasi pilgrim bus attack 9 June 2024 तक — pattern एक ही है: राज्य-प्रायोजित cross-border terrorism + लक्षित भारतीय जवाबी कार्रवाई

UPSC के लिए cross-border terrorism Mains GS-III internal security का सबसे अधिक पूछे जाने वाले विषयों में से एक है — जो Pakistan-Afghanistan रणनीतिक गतिशीलता, FATF, NIA + UAPA, और भारतीय counter-terror doctrine के साथ जोड़ा जाता है।

UPSC के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है

भारत 8वां सबसे अधिक आतंक-प्रभावित देश है (Global Terrorism Index 2024)। Pakistan-मूल का आतंक सबसे बड़ा एकल cross-border खतरा है — 1989 के बाद से J&K में 70%+ आतंक-मृत्यु Pakistan-आधारित समूहों से जुड़ी हैं। Prelims के लिए: LeT/JeM/HM की स्थापना तिथियां, FATF grey listing, Uri/Pulwama/Balakot की तारीखें। Mains के लिए: संरचनात्मक कारक, भारत का counter-terror doctrine, कूटनीतिक रणनीति।

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