Major dams & multi-purpose projects
Major dams & multi-purpose projects — Bhakra-Nangal · Hirakud · Tehri · Sardar Sarovar · Indira Sagar · Nagarjuna Sagar · Almatti
कहानी से शुरुआत
22 अक्टूबर 1963 को प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू Punjab में एक अधूरी कंक्रीट दीवार के नीचे खड़े थे और उन्होंने इसे "आधुनिक भारत का मंदिर" कहा। वह दीवार Bhakra Dam थी — उस समय एशिया का दूसरा सबसे ऊंचा गुरुत्वाकर्षण बांध, 226 मीटर की ऊंचाई पर — और नेहरू का यह वाक्यांश पूरी एक पीढ़ी की अवसंरचनात्मक कल्पनाशीलता का संस्थापक रूपक बन गया। इसके पीछे Gobind Sagar Lake अंततः Sutlej घाटी में 90 किमी तक फैलेगी और Punjab, Haryana और Rajasthan में ~1 करोड़ एकड़ भूमि की सिंचाई करेगी। उसी वर्ष Bhakra का निर्माण शुरू हुआ था (1948), मानसून बाढ़ ने Odisha में 2,000 लोगों की जान ली; इसके जवाब में Hirakud बना, जो उस समय 25.8 किमी की लंबाई के साथ दुनिया का सबसे लंबा मिट्टी का बांध था, जिसका उद्घाटन Mahanadi पर 1957 में हुआ।
लेकिन मंदिर का रूपक दोनों ओर से काटता है। Sardar Sarovar, जो Narmada पर 1961 में परिकल्पित हुआ, 2017 तक पानी भर नहीं सका — 56 वर्षों की मुकदमेबाजी, Medha Patkar के Narmada Bachao Andolan के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन, और 2000 के सर्वोच्च न्यायालय के उस फैसले के बाद जिसने पुनर्वास की गारंटी के साथ ही निर्माण फिर से शुरू करने की अनुमति दी। Tehri (भारत का सबसे ऊंचा, 260.5 मीटर) ने Zone IV में भूकंपीय चिंताओं के बावजूद 2006 में 125 साल पुराने Tehri शहर को डुबो दिया। 2024 के Wayanad भूस्खलन और 2023 के Joshimath धंसाव ने वह प्रश्न तेज़ कर दिया है जो नेहरू को कभी उत्तर नहीं देना पड़ा: क्या बड़े बांध अभी भी मंदिर हैं, या वे 20वीं सदी के विकास विचार के समाधि-स्थल बन गए हैं?
यह फाइल सात प्रतिष्ठित बहुद्देशीय नदी-घाटी परियोजनाओं — उनकी नदियों, राज्यों, क्षमताओं और सिंचाई + बिजली लाभों — तथा उन्हें घेरे विवादों का मानचित्रण करती है। UPSC Prelims ने पिछले दस वर्षों में बांध-नदी-राज्य मिलान-युग्म की छह बार परीक्षा ली है; Mains GS-I और GS-III नियमित रूप से संतुलित लागत-लाभ मूल्यांकन की मांग करते हैं।
UPSC के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है
बहुद्देशीय नदी परियोजनाएं GS-I (भारत का भूगोल) और GS-III (अवसंरचना, ऊर्जा) में आती हैं, जिनमें मिलान-युग्म प्रश्न 2017, 2018, 2020, 2022, 2023, 2024 में पूछे गए। Mains में लागत-लाभ विश्लेषण (2014, 2019, 2023) की मांग रही है। Interview बोर्ड अंतर-राज्यीय जल विवादों (Cauvery, Krishna, Narmada) पर प्रश्न करते हैं जहाँ ये बांध संघर्ष के केंद्र में हैं। ईमानदार भार: तथ्यात्मक स्मरण उच्च-उत्पाद है, GS-III उत्तरों के लिए विश्लेषणात्मक गहराई आवश्यक है।
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